सीएए नागरिकता छीनता नहीं बल्कि प्रदान करता है: मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी
कोलकाता, 1 अगस्त (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने शनिवार को कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम, 2019 (सीएए) का उद्देश्य नागरिकता छीनना नहीं, बल्कि प्रदान करना है।
उन्होंने ये टिप्पणी कोलकाता के न्यू टाउन में आयोजित एक कार्यक्रम में उत्तर 24 परगना जिले के मतुआ समुदाय के 300 सदस्यों को भारतीय नागरिकता प्रमाण पत्र वितरित करने के बाद की।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि पश्चिम बंगाल में सीएए के तहत नागरिकता के लिए लंबित सभी आवेदनों का निपटारा अगले छह महीनों के भीतर कर दिया जाएगा।
कार्यक्रम में बोलते हुए अधिकारी ने कहा कि सीएए का उद्देश्य नागरिकता प्रदान करना है, किसी की नागरिकता छीनना नहीं। पात्र लोगों को आगे आकर अधिनियम के तहत आवेदन करना चाहिए। आने वाले महीनों में और भी प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे।
सीएए के तहत छह समुदायों (हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई) के शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता प्रदान की जाएगी, जिन्होंने पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में धार्मिक उत्पीड़न के कारण 31 दिसंबर, 2014 से पहले भारत में शरण ली थी।
अधिकारी ने बताया कि अब तक 23,956 नागरिकता प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं, जिनमें से 5,966 प्रमाण पत्र राज्य में नई भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के गठन के बाद पिछले 11 हफ्तों में जारी किए गए हैं।
उनके अनुसार, राज्य भर में 2,30,605 आवेदन प्राप्त हुए हैं। नदिया जिले में सबसे अधिक 10,191 प्रमाण पत्र प्राप्त हुए हैं, जबकि उत्तर 24 परगना में 8,930 प्रमाण पत्र प्राप्त हुए हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह सचिव से हुई चर्चा के बाद सीएए आवेदनों के शीघ्र निपटान के लिए जिला मजिस्ट्रेटों को कानूनी और प्रशासनिक शक्तियां सौंपने की प्रक्रिया एक महीने के भीतर शुरू होने की उम्मीद है।
उन्होंने सीएए मुद्दे पर जनता को गुमराह करने के लिए तृणमूल कांग्रेस की पिछली सरकार की आलोचना की।
अधिकारी ने कहा कि पिछली सरकार ने सीएए को एनआरसी के रूप में पेश किया और जनता, विशेष रूप से मुस्लिम समुदाय को गुमराह किया। यह झूठा प्रचार फैलाया गया कि सीएए के तहत आवेदन करने से नौकरी, राशन लाभ या लक्ष्मी भंडार योजना का नुकसान होगा। आज सच्चाई सामने आ गई है, और यहां तक कि विपक्षी विधायक भी स्वेच्छा से इस कार्यक्रम में शामिल हुए हैं।
--आईएएनएस
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