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पिछड़ा वर्ग आरक्षण के मुद्दे पर सीएम चंद्रबाबू नायडू ने पिछड़ा वर्ग को धोखा दिया: जगन मोहन रेड्डी

 

अमरावती, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के अध्यक्ष वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने शुक्रवार को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू पर स्थानीय निकायों में पिछड़ा वर्ग (बीसी) को 34 प्रतिशत आरक्षण देने के वादे से धोखा देने का आरोप लगाया।

पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने इस कथित धोखे को उजागर कर दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, "चंद्रबाबू नायडू, लोगों से वादे करने और फिर उन्हें धोखा देने के मामले में आप 'मिस्टर 420' हैं।"

जगन ने कहा, "आपने स्थानीय निकायों में बीसी वर्ग को 34 प्रतिशत आरक्षण देने का वादा किया, उसी वादे के जरिए उन्हें आकर्षित किया और फिर उनके साथ धोखा किया। सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने अब इस सच्चाई को सामने ला दिया है। एक बार फिर आप एक धोखेबाज के रूप में बेनकाब हुए हैं।"

वाईएसआरसीपी प्रमुख ने आगे कहा, "आपके सुपर सिक्स और सुपर सेवन वादे भी एक और धोखा हैं। हमारी सरकार के दौरान लोगों को मिलने वाली योजनाओं को बंद करना भी धोखा था। विद्या दीवेना और वसति दीवेना योजनाओं के तहत करीब 9,000 करोड़ रुपये का बकाया छोड़ देना भी एक बड़ा विश्वासघात है।"

उन्होंने कहा, "143 वादों वाला आपका चुनावी घोषणापत्र सबसे बड़ा धोखा है। बीसी वर्ग को 34 प्रतिशत आरक्षण देने का वादा भी एक बड़ा छलावा साबित हुआ। चंद्रबाबू जी, कम से कम अब पिछड़ा वर्ग से माफी मांगिए।"

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को आंध्र प्रदेश सरकार की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें राज्य सरकार ने आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसने स्थानीय निकाय चुनावों में बीसी वर्ग को 34 प्रतिशत आरक्षण देने संबंधी आदेश को रद्द कर दिया था।

1 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने स्थानीय निकाय चुनावों में बीसी वर्ग को 34 प्रतिशत आरक्षण देने वाले दो सरकारी आदेशों को निरस्त कर दिया था। अदालत ने कहा था कि इससे कुल आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत से अधिक हो जाती है।

हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार स्थानीय निकायों में सभी वर्गों को मिलाकर कुल आरक्षण 50 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए।

मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने 18 अगस्त को बढ़े हुए आरक्षण की घोषणा करते हुए कहा था कि ग्रामीण स्थानीय निकायों में बीसी वर्ग को 34 प्रतिशत और शहरी स्थानीय निकायों में 33.33 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी