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निवेशकों को नीति स्थिरता, त्वरित मंजूरी और हरसंभव सहयोग देंगे: सीएम चंद्रबाबू नायडू

 

अमरावती, 29 जुलाई (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार को कहा कि उनकी सरकार निवेशकों को नीति में स्थिरता, परियोजनाओं के लिए त्वरित मंजूरी और हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने निवेश, उन्नत विनिर्माण (एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग), इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से ताइवान की प्रमुख कंपनियों और उद्योग प्रतिनिधियों के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की।

बैठक के दौरान आंध्र प्रदेश सरकार ने निवेशकों के अनुकूल नीतियों, विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे, मजबूत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और तेजी से विकसित हो रहे विनिर्माण इकोसिस्टम को प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने राज्य में इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), उन्नत विनिर्माण और निर्यात-उन्मुख उद्योगों को बढ़ावा देने की सरकार की प्राथमिकताओं पर भी प्रकाश डाला।

आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल में ताइवान की कई वैश्विक कंपनियों और संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल थे। ताइवानी उद्योग प्रतिनिधियों ने भारत में अपने निवेश के अनुभव साझा किए और आंध्र प्रदेश में निवेश बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा की। दोनों पक्षों ने विनिर्माण, प्रौद्योगिकी और औद्योगिक विकास के क्षेत्रों में संस्थागत सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई।

इसके बाद राज्य के मानव संसाधन विकास, आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार तथा आरटीजीएस मंत्री नारा लोकेश ने प्रतिनिधिमंडल के साथ कार्यबल विकास, कौशल प्रशिक्षण और शैक्षणिक सहयोग पर विशेष बैठक की।

बैठक में आंध्र प्रदेश के युवाओं को ताइवान के तेजी से बढ़ते विनिर्माण और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में रोजगार के लिए तैयार करने पर जोर दिया गया। इसके लिए उद्योग की जरूरतों के अनुरूप कौशल विकास, तकनीकी प्रशिक्षण और उच्च शिक्षा साझेदारी को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई।

चर्चा के दौरान इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर विनिर्माण, प्रिसिजन इंजीनियरिंग, औद्योगिक स्वचालन, स्वास्थ्य सेवा तथा अन्य उच्च कौशल वाले क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया। इसके अलावा मंदारिन भाषा प्रशिक्षण, उद्योग-विशिष्ट प्रमाणन, इंटर्नशिप, छात्र एवं शिक्षक आदान-प्रदान, संयुक्त शोध और कार्यस्थल के लिए तैयार करने वाले कार्यक्रमों पर भी चर्चा हुई, ताकि वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी प्रतिभाओं का विकास किया जा सके।

आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, ये बैठकें आंध्र प्रदेश और ताइवान के उद्योग जगत के बीच बढ़ती साझेदारी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। दोनों पक्षों ने विश्वास जताया कि निवेश, विनिर्माण, कौशल विकास और प्रतिभा निर्माण में बढ़ता सहयोग आने वाले वर्षों में उद्योगों के विस्तार और रोजगार सृजन के नए अवसर पैदा करेगा।

--आईएएनएस

डीएससी