×

केंद्र ने ऑफशोर और डीपवाटर तेल एवं गैस ब्लॉक पर घटाई रॉयल्टी

 

नई दिल्ली, 12 मई (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने डीपवाटर और अल्ट्रा-डीपवाटर ऑफशोर ब्लॉक से कच्चे तेल और केसिंग हेड कंडेनसेट उत्पादन पर रॉयल्टी को कम कर दिया है। यह जानकारी सरकार की ओर से ऑयल एंड गैस क्षेत्र में रॉयल्टी को लेकर जारी किए गए नए नोटिफिकेशन में दी गई।

नए संशोधित ढांचे के अंतर्गत, डीपवाटर क्षेत्रों के लिए रॉयल्टी कॉमर्शियल उत्पादन शुरू होने के पहले सात वर्षों के लिए 5 प्रतिशत और आठवें वर्ष से अधिक के लिए 10 प्रतिशत निर्धारित की गई है।

अल्ट्रा-डीपवाटर क्षेत्रों से कॉमर्शियल उत्पादन पर पहले सात वर्षों तक कोई रॉयल्टी नहीं ली जाएगी। हालांकि, आठ वर्ष के बाद उत्पादन जारी रखने पर 5 प्रतिशत रॉयल्टी देनी होगी।

इसके अलावा, संशोधित रॉयल्टी अनुसूची में विभिन्न व्यवस्थाओं के तहत आवंटित क्षेत्र शामिल हैं, जिनमें राष्ट्रीय तेल कंपनियों को नामांकन-आधारित आवंटन, नई अन्वेषण लाइसेंसिंग नीति (एनईएलपी) से पहले आवंटित ब्लॉक और हाइड्रोकार्बन अन्वेषण एवं लाइसेंसिंग नीति (एचईएलपी)और डिस्कवर्ड स्मॉल फील्ड (डीएसएफ) नीति के तहत आवंटित क्षेत्र शामिल हैं।

स्थलीय और उथले जल क्षेत्रों के लिए, अधिकांश श्रेणियों में रॉयल्टी दर 12.5 प्रतिशत पर बनी हुई है, जबकि कुछ ऑफशोर और अल्ट्रा-डीपवाटर उत्पादन श्रेणियों पर कम रॉयल्टी लागू होगी।

सरकार ने संशोधित ढांचे के तहत निर्दिष्ट कुछ श्रेणियों के लिए 7.5 प्रतिशत की रॉयल्टी दर को भी बरकरार रखा है।

सरकार का यह कदम ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और वैश्विक ऊर्जा बाजारों में बढ़ती अस्थिरता के कारण दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाएं दबाव का सामना कर रही हैं।

इसके अलावा, सरकार ने कहा है कि हमारे पास पेट्रोलियम उत्पादों का पर्याप्त भंडार है और घरेलू खाना पकाने के लिए एलपीजी की आपूर्ति की जा रही है।

इस महीने की शुरुआत में, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्षेत्र में संघर्ष को समाप्त करने के उद्देश्य से अमेरिका द्वारा प्रस्तावित ईरान की प्रतिक्रिया पर असंतोष व्यक्त किया और तेहरान के रुख को "पूरी तरह अस्वीकार्य" बताया।

इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया संकट के आर्थिक प्रभाव के बीच विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने में मदद करने के लिए नागरिकों से गैर-जरूरी सोने की खरीदारी से बचने, विदेश यात्रा कम करने और ईंधन की खपत कम करने की अपील की थी।

--आईएएनएस

एबीएस/