केंद्र ने वीबी-जी राम जी ढांचे में 375 श्रेणियों को अधिसूचित किया, रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
नई दिल्ली, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने विकसित भारत - गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) या वीबी-जी राम जी ढांचे के तहत काम की 375 श्रेणियों को अधिसूचित किया है।
सरकार द्वारा जारी की गई अधिसूचना में पानी की सुरक्षा, मुख्य ग्रामीण बुनियादी ढांचे और आजीविका से जुड़े बुनियादी ढांचे के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में खराब मौसम की घटनाओं के असर को कम करने और आपदा की तैयारी को मजबूत करने के मकसद से किए जाने वाले खास कामों का भी प्रावधान है।
ग्रामीण विकास मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "नई सूची में पिछले ढांचे के तहत शामिल 266 कामों की तुलना में 41 प्रतिशत ज्यादा काम दर्ज हैं।"
मंजूरी वाले 375 कामों में सबसे बड़ी श्रेणी जल सुरक्षा से जुड़ी है, जिसमें 128 काम शामिल हैं। इसके बाद मुख्य ग्रामीण बुनियादी ढांचे के तहत 111 काम, आजीविका से जुड़े बुनियादी ढांचे के 98 काम और खराब मौसम की घटनाओं व आपदा की तैयारी पर केंद्रित 38 विशेष काम आते हैं।
पानी की सुरक्षा वाली श्रेणी में नहरों, बाढ़ और पानी का रास्ता बदलने वाले चैनलों, चेक डैम, गली प्लग और जमीन के नीचे बनने वाले बांधों का निर्माण, मरम्मत और रखरखाव शामिल है।
लिस्ट में तालाबों और पारंपरिक जल स्रोतों को फिर से जीवित करना, परकोलेशन टैंक, रिचार्ज पिट और शाफ्ट, इंजेक्शन कुएं और पानी जमा करने वाले कई तरह के ढांचे बनाना भी शामिल है।
पानी बचाने और सिंचाई के लिए मंजूरी वाले कामों में 'आइस स्तूप' या कृत्रिम ग्लेशियरों को भी शामिल किया गया है, ताकि इलाके के हिसाब से पानी की उपलब्धता बढ़ाई जा सके और खेती-बाड़ी में मदद मिल सके।
इस शेड्यूल में ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई सिस्टम, खेत के स्तर पर पानी बांटने वाली नहरों और जल-जमाव वाली जमीन को ठीक करने से जुड़े काम भी शामिल हैं। मिट्टी और नमी के संरक्षण से जुड़े पेड़ लगाने और वनीकरण के काम भी इसमें शामिल किए गए हैं, जिनमें बांस, मैंग्रोव, नारियल, रबर और एग्रो-फॉरेस्ट्री (खेती के साथ पेड़ लगाना) शामिल हैं।
मुख्य ग्रामीण बुनियादी ढांचे की श्रेणी के तहत, बताए गए कामों में ग्रामीण सड़कों, पुलियों, फुटपाथों और गांव में आने-जाने की सुविधा और कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने वाली अन्य सुविधाओं का निर्माण और रखरखाव शामिल है।
इस श्रेणी में ग्राम पंचायत भवनों, आंगनवाड़ी केंद्रों, ग्रामीण पुस्तकालयों, स्वास्थ्य केंद्रों और पशु चिकित्सा केंद्रों का निर्माण और सुधार भी शामिल है, जिससे ग्रामीण समुदायों के लिए जरूरी बुनियादी सार्वजनिक बुनियादी ढांचे की एक बड़ी रेंज इसमें शामिल हो जाती है।
स्कूल से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को भी उन कामों की लिस्ट में शामिल किया गया है जिनकी इजाजत है। इनमें गांवों में शिक्षा से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के लिए ज़रूरी अतिरिक्त क्लासरूम, लैब, टॉयलेट, किचन शेड, कंपाउंड वॉल और खेल के मैदान बनाना शामिल है।
अधिसूचित की गई लिस्ट का एक और हिस्सा वेस्ट मैनेजमेंट और रिन्यूएबल एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर है। जिन कामों की इजाजत है, उनमें रीसाइक्लिंग प्लांट, कचरा अलग करने वाले शेड, कम्पोस्ट पिट, ग्रे-वॉटर ट्रीटमेंट यूनिट, सोलर स्ट्रीट लाइटिंग सिस्टम और बायोगैस प्लांट शामिल हैं।
इस ढांचे में ग्रामीण पार्क, बस स्टैंड, पार्किंग शेड, पीने के पानी के कियोस्क, सीड बैंक और मल्टीपर्पज यूथ सेंटर बनाने का भी प्रावधान है। बॉर्डर वाले इलाकों में इमरजेंसी में लोगों को निकालने और राहत शिविर बनाने के काम को भी मंजूरी वाले कामों में शामिल किया गया है।
--आईएएनएस
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