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जनगणना 2027: गुजरात में मंत्रियों और विधायकों ने सबसे पहले पूरी की स्व-गणना प्रक्रिया

 

अहमदाबाद, 18 मई (आईएएनएस)। जनगणना-2027 के तहत डिजिटल स्व-गणना प्रक्रिया पूरे गुजरात में शुरू हो गई है, जो ऑनलाइन नागरिक भागीदारी मॉडल के माध्यम से भारत की अगली जनगणना के पहले चरण की शुरुआत का प्रतीक है।

केंद्र सरकार ने जनगणना-2027 के ढांचे के तहत 'सेल्फ-एन्यूमरेशन' (एसई) सुविधा शुरू की है, जिससे परिवारों को घर-घर जाकर गिनती शुरू होने से पहले ही आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से अपनी जनसांख्यिकीय और आवास संबंधी जानकारी जमा करने की सुविधा मिल गई है।

गुजरात में यह सुविधा 17 मई से 31 मई तक उपलब्ध रहेगी, जिसके बाद जून में जमीनी स्तर पर सत्यापन और डेटा संग्रह का काम किया जाएगा।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने रविवार को इस प्रक्रिया की शुरुआत करते हुए गांधीनगर से ऑनलाइन सिस्टम के माध्यम से अपने परिवार की जानकारी पूरी की। इस तरह उन्होंने औपचारिक रूप से राज्य की भागीदारी को राष्ट्रीय स्तर पर शुरू हुई इस पहल के साथ जोड़ दिया।

अधिकारियों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने इस पहल को डिजिटल शासन को मजबूत करने और बड़े पैमाने पर सार्वजनिक डेटा संग्रह प्रणालियों की कार्यक्षमता में सुधार करने के प्रयासों का एक हिस्सा बताया।

जनगणना निदेशालय ने कहा है कि 'स्व-गणना' के जरिए नागरिक एक सुरक्षित ऑनलाइन माध्यम से आवास, सुविधाओं और परिवार की संरचना से जुड़ी जानकारी स्वेच्छा से जमा कर सकते हैं। बाद में भौतिक गणना के दौरान इस डेटा का सत्यापन किया जाता है।

यह प्रक्रिया आधिकारिक जनगणना पोर्टल के माध्यम से लागू की जा रही है, जो पूरे राज्य के निवासियों को बहुभाषी और मोबाइल-संगत पहुंच प्रदान करता है।

अहमदाबाद में नगर निगम के अंतर्गत आने वाले नगर जनगणना विभाग ने डिजिटल प्रक्रिया को अपनाने को बढ़ावा देने के लिए चुने हुए प्रतिनिधियों और सरकारी अधिकारियों की भागीदारी का समन्वय किया।

प्रारंभिक चरण के हिस्से के रूप में कई मंत्रियों, विधायकों, पूर्व मंत्रियों और पार्षदों ने पोर्टल के माध्यम से अपने विवरण जमा किए।

प्रतिभागियों में शहरी विकास राज्य मंत्री, दर्शना वाघेला, विधायक अमूल भट्ट (मणिनगर), कंचन रादडिया (ठक्करबापानगर), अमित ठाकर (वेजलपुर), अमित शाह (एलिसब्रिज), डॉ. पायल कुकानी (नरोदा), डॉ. हसमुख पटेल (अमराईवाड़ी), भीखू पटेल (नारणपुरा) और डॉ. हर्षद पटेल (साबरमती) शामिल हैं।

पूर्व मंत्री गोर्धन जदाफिया और दिलीप परमार समेत कई वार्ड पार्षदों ने भी अपनी गिनती पूरी की।

जनगणना अधिकारियों ने कहा है कि इस पहल का मकसद सटीकता बढ़ाना और फील्ड वर्क का बोझ कम करना है, जिसके तहत नागरिक अपनी सत्यापित जानकारी पहले से ही दर्ज कर सकेंगे।

यह सिस्टम एक 'सेल्फ-एन्यूमरेशन आईडी' (एसई आईडी) जेनरेट करता है, जिसका इस्तेमाल बाद में घरों के दौरे के चरण में जानकारी की पुष्टि और अंतिम रूप से जमा करने के लिए किया जाएगा।

आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, गुजरात में सेल्फ-एन्यूमरेशन की प्रक्रिया 31 मई को समाप्त हो जाएगी।

इसके बाद, 1 जून से 30 जून तक 'हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना' के फील्ड ऑपरेशन किए जाएंगे, जिसके दौरान गणना करने वाले पूरे राज्य में घर-घर जाकर जानकारी इकट्ठा करेंगे।

इन दौरों के दौरान, नागरिकों को सत्यापन के लिए अपनी एसई आईडी दिखानी होगी। यह प्रक्रिया पूरे देश में दो चरणों में पूरी की जाएगी। पहले चरण में घरों और परिवारों से संबंधित डेटा इकट्ठा किया जाएगा, जबकि दूसरा चरण 2027 में जनसंख्या की गणना के लिए निर्धारित है।

--आईएएनएस

पीएसके