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मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कांगड़ा और धर्मशाला के मंदिरों में की पूजा-अर्चना

 

कांगड़ा, 6 जून (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश दौरे के दूसरे दिन मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने कांगड़ा घाटी के प्रमुख धार्मिक स्थलों में पूजा-अर्चना कर आध्यात्मिक गतिविधियों में हिस्सा लिया। अधिकारियों ने शनिवार को इसकी जानकारी दी।

आधिकारिक बयान के अनुसार, ज्ञानेश कुमार अपने परिवार के सदस्यों के साथ कांगड़ा किला और प्रसिद्ध बज्रेश्वरी देवी मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने धर्मशाला स्थित चामुंडा देवी मंदिर में भी माथा टेका और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।

इससे पहले शुक्रवार को मुख्य चुनाव आयुक्त धर्मशाला पहुंचे थे, जहां उन्होंने चुनाव अधिकारियों और बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के साथ बैठक कर चुनावी तैयारियों की समीक्षा की थी।

उन्होंने बीएलओ के साथ संवाद करते हुए मतदाता सूची के अद्यतन और उसकी शुद्धता बनाए रखने के लिए किए जा रहे उनके प्रयासों की सराहना की।

मुख्य चुनाव आयुक्त का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब हिमाचल प्रदेश में नवंबर 2027 में संभावित विधानसभा चुनावों की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। राज्य की सभी 68 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव कराए जाने हैं।

इस बीच, चुनाव आयोग ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन-फेज-3) के तहत ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम और मणिपुर में मतदाता गणना (एन्यूमरेशन) का चरण शुरू हो चुका है।

आयोग के अनुसार, इन राज्यों में यह प्रक्रिया 3 मई से शुरू हुई है। जिन पात्र मतदाताओं के गणना प्रपत्र 28 जून 2026 तक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) के पास पहुंच जाएंगे, उनके नाम प्रारूप मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे।

जो मतदाता 28 जून तक फॉर्म जमा नहीं कर पाएंगे, वे दावा एवं आपत्ति अवधि के दौरान निर्धारित घोषणा पत्र के साथ फॉर्म-6 भरकर आवेदन कर सकेंगे।

चुनाव आयोग ने बताया कि इस प्रक्रिया के दौरान बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना प्रपत्र उपलब्ध करा रहे हैं। मतदाता भरे हुए फॉर्म बीएलओ के माध्यम से या ऑनलाइन भी जमा कर सकते हैं।

आयोग के मुताबिक अधिकतम कवरेज सुनिश्चित करने के लिए बीएलओ प्रत्येक घर का दौरा कर फॉर्म वितरित, संग्रह और सत्यापित करेंगे। साथ ही वे अपने साथ कम से कम 30 खाली फॉर्म-6 और घोषणा पत्र भी रखेंगे, ताकि नए मतदाता पंजीकरण के इच्छुक लोगों को तुरंत उपलब्ध कराए जा सकें।

--आईएएनएस

डीएससी