अहमदाबाद सम्मेलन में सीईसी ज्ञानेश कुमार ने मतदाता भागीदारी और पारदर्शिता बढ़ाने पर दिया जोर
अहमदाबाद, 11 सितंबर (आईएएनएस)। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने शुक्रवार को मतदाताओं की अधिक भागीदारी और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने अहमदाबाद में आयोजित इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब (ईएलसी) और ईसीआईनेट ऐप पर क्षेत्रीय सम्मेलन में 1000 से अधिक ईएलसी सदस्यों, बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ), कैंपस एंबेसडरों और अन्य हितधारकों से संवाद किया।
भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) के प्रमुख मतदाता जागरूकता कार्यक्रम एसवीईईपी के तहत आयोजित इस सम्मेलन में चुनावी साक्षरता, जागरूक मतदान और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए डिजिटल तकनीक के उपयोग पर विशेष चर्चा की गई।
ज्ञानेश कुमार ने कहा कि 90 करोड़ से अधिक मतदाताओं वाला भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। उन्होंने बताया कि लोकसभा चुनावों के दौरान तैनात कर्मचारियों सहित लगभग 1.8 करोड़ लोग चुनावी प्रक्रिया को सफल बनाने में जुटते हैं।
उन्होंने कहा, "मतदाता सूची तैयार करने से लेकर मतदान तक की पूरी प्रक्रिया धूप की तरह स्पष्ट, पारदर्शी और निष्पक्ष है।"
सीईसी ने चुनावों के दौरान अपनाए जाने वाले सुरक्षा और पारदर्शिता उपायों की जानकारी देते हुए कहा कि देशभर में 11 लाख से अधिक बूथ लेवल अधिकारी मतदाता सूची तैयार करने का काम करते हैं और राजनीतिक दल भी इसकी जांच-पड़ताल में भाग लेते हैं।
उन्होंने कहा कि मतदान और मतगणना के दौरान उम्मीदवारों के मतदान एजेंटों और मतगणना एजेंटों की मौजूदगी, साथ ही फॉर्म 17सी के माध्यम से सत्यापन की प्रक्रिया चुनावी पारदर्शिता को और मजबूत बनाती है।
ज्ञानेश कुमार ने यह भी बताया कि वर्तमान में भारत इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर डेमोक्रेसी एंड इलेक्टोरल असिस्टेंस की अध्यक्षता कर रहा है, जिसमें दुनिया के 35 प्रमुख लोकतांत्रिक देश शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह भारत की चुनावी व्यवस्था को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली मान्यता का प्रमाण है।
युवा मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने की अपील करते हुए सीईसी ने कहा कि 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले हर नागरिक का नाम मतदाता सूची में दर्ज होना चाहिए और उसे अपने मताधिकार का उपयोग करना चाहिए।
उन्होंने ईएलसी सदस्यों से ईसीआईनेट ऐप डाउनलोड करने तथा अपने परिवार और आसपास के लोगों को मतदाता पंजीकरण में सहयोग देने का आह्वान किया।
गुजरात के मुख्य निर्वाचन अधिकारी संदीप सागले ने कहा कि वर्ष 2018 में एसवीईईपी कार्यक्रम के तहत शुरू किया गया ईएलसी अभियान युवाओं को लोकतांत्रिक मूल्यों और चुनावी प्रक्रिया से परिचित कराने के उद्देश्य से शुरू किया गया था।
उन्होंने कहा कि ईएलसी 2.0 के तहत स्कूलों और कॉलेजों के क्लबों को पूरे वर्ष सक्रिय रहने वाले, अनुभव-आधारित और डिजिटल मंचों के रूप में विकसित किया जा रहा है।
सागले ने कहा, "हमारा उद्देश्य जागरूकता और विश्वास के आधार पर सशक्त युवा मतदाता तैयार करना है।" उन्होंने बताया कि ईसीआईनेट प्लेटफॉर्म पर मतदाता और चुनाव प्रबंधन से जुड़े 40 से अधिक अनुप्रयोगों को एकीकृत किया गया है।
सम्मेलन में ईएलसी2.0, मतदाता शिक्षा, ईसीआईनेट, भारतीय चुनावों में विश्वास और पारदर्शिता तथा इसकी कार्यप्रणाली और विशेषताओं पर प्रस्तुतियां दी गईं। इसके अलावा मतदाता पंजीकरण, मतदान और मतगणना की प्रक्रिया का लाइव प्रदर्शन भी किया गया।
अहमदाबाद के जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर भाव्या वर्मा ने कहा कि प्रस्तुतियां और प्रदर्शन मतदाता जागरूकता कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी बनाने में मदद करेंगे।
इस अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव मुकेश कुमार, दाहोद के जिला विकास अधिकारी हिरेन बारोट, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी रिंकेश पटेल और देवायत भमार सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
--आईएएनएस
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