पंजाब में नशा-विरोधी कार्यकर्ता की हत्या के मामले की जांच करेगी सीबीआई : अमित शाह
चंडीगढ़, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा के परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिया। मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने के कारण उनकी हत्या कर दी गई थी।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घोषणा की कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की एक टीम बुधवार दोपहर 12 बजे तक उनके घर पहुंचेगी और मामले की जांच शुरू करेगी।
मानसा दौरे के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने झोटा के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। यह मुलाकात करीब 20 मिनट तक चली।
इस दौरान, अमित शाह ने घोषणा की कि सीबीआई की एक टीम झोटा के घर पहुंचेगी और मामले की जांच शुरू करेगी। उन्होंने झोटा के पिता भीम सिंह और परिवार के अन्य सदस्यों से मुलाकात की और उनके प्रति संवेदना जताई।
यह घोषणा अमित शाह के पंजाब के एक दिवसीय दौरे का हिस्सा थी। इस दौरे के दौरान उन्होंने तीन जगहों पर परिजनों से मुलाकात की और राज्य सरकार को नशे की समस्या को लेकर घेरा।
पिछले 20 दिनों में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का पंजाब का यह दूसरा दौरा है। अमित शाह मंगलवार सुबह अमृतसर के श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे। वहां से वे गुरदासपुर और फिर संगरूर गए, जिसके बाद वे मानसा पहुंचे। अपनी यात्रा के दौरान, अमित शाह ने सोशल मीडिया पर राज्य सरकार की आलोचना की और आरोप लगाया कि राज्य में नशीले पदार्थों का कारोबार बेकाबू हो गया है।
तीन अलग-अलग जगहों पर तीन परिवारों से मिलने के बाद अमित शाह का लुधियाना पहुंचने का कार्यक्रम है, जहां वे रावण के 121 फुट ऊंचे पुतले का दहन करेंगे। बताया जा रहा है कि यह राज्य का सबसे ऊंचा पुतला है।
गृह मंत्री की इस यात्रा पर प्रतिक्रिया देते हुए पार्टी की राज्य इकाई के पूर्व प्रमुख सुनील जाखड़ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "मेरी बात याद रखिएगा! गृह मंत्री अमित शाह की आज की यह यात्रा पंजाब की राजनीति में एक बड़ा मोड़ साबित होगी। पंजाब को लेकर उनकी चिंता ने पंजाब के लोगों के दिलों में उम्मीद की एक नई किरण जगा दी है।"
संगरूर जिले के तूर बंजारा गांव में गृह मंत्री शाह ने गुलजार सिंह के परिवार से मुलाकात की और अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। बताया जाता है कि 'चिट्टा' (नशीले पदार्थों) के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ आवाज उठाने के कारण गुलजार सिंह को आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा था।
इससे पहले, उन्होंने गुरदासपुर जिले के मारी पन्नू गांव में विक्रमजीत सिंह के परिजनों से मुलाकात की। हाल ही में ड्रग माफिया द्वारा विक्रमजीत सिंह की कथित तौर पर हत्या कर दी गई थी। लगभग 15 मिनट तक चली इस मुलाकात के दौरान, गृह मंत्री शाह ने परिवार के प्रति संवेदना जताई और उनके दुख में शामिल हुए। इस मौके पर, परिवार ने गृह मंत्री को एक ज्ञापन भी सौंपा।
इस दौरान राज्य भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों, पूर्व राज्य अध्यक्ष अश्वनी शर्मा, विजय सांपला और फतेहजंग बाजवा भी मौजूद थे। गृह मंत्री ने पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पूरी तरह से उनके साथ खड़ी है और नशीले पदार्थों के खिलाफ एक निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी।
परिवार के सदस्यों ने बाद में बताया कि गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया है और कहा है कि वह इस मामले की सीबीआई जांच भी सुनिश्चित करेंगे।
इस बीच, पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने केंद्र सरकार और गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सवाल उठाया कि पंजाब की बार-बार की अपीलों के बावजूद भाजपा और कांग्रेस शासित राज्यों में चल रही दवा निर्माता कंपनियों (फार्मास्युटिकल ड्रग मैन्युफैक्चरर्स) के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नशीले पदार्थों के तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है लेकिन केंद्र सरकार पंजाब में सिंथेटिक और फार्मास्युटिकल ड्रग्स की सप्लाई करने वाले स्रोतों को लगातार नजरअंदाज कर रही है।
चीमा ने यहां मीडिया को बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार नशीले पदार्थों के खिलाफ लड़ाई को पूरी ताकत से आगे बढ़ाएगी और किसी भी राजनीतिक दबाव या प्रशासनिक रुकावट को अपने संकल्प को कमजोर नहीं करने देगी।
चीमा ने कहा, "पंजाब में बड़ी मात्रा में आ रहे सिंथेटिक और फार्मास्यूटिकल नशीले पदार्थों के मुख्य स्रोत उन राज्यों में हैं, जहां भाजपा और कांग्रेस की सरकारें हैं। इसके बावजूद, केंद्र सरकार इन पदार्थों को बनाने और सप्लाई करने वालों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई करने में नाकाम रही है। पंजाब इस समस्या से जमीनी स्तर पर लड़ रहा है लेकिन केंद्र सरकार हमारे युवाओं की जान के लिए बने इस गंभीर खतरे की अनदेखी कर रही है।"
राज्य में गृह मंत्री अमित शाह के दौरे से पहले, 'आप' सरकार ने मारे गए कार्यकर्ता झोटा के परिवार के प्रति अपना समर्थन दोहराया और परिवार की मांग को मानते हुए घोषणा की कि इस मामले की जांच सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) को सौंप दी जाएगी।
--आईएएनएस
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