जम्मू-कश्मीर में पीएमईजीपी लोन घोटाले पर सीबीआई का बड़ा एक्शन, 19 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज
श्रीनगर, 11 जून (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा जिले में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत लोन घोटाले को लेकर सीबीआई ने बड़ा कदम उठाया। सीबीआई ने इस मामले में 19 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इनमें कुछ निजी व्यक्ति, जे एंड के बैंक के अधिकारी और विभिन्न सरकारी संस्थाओं से जुड़े कुछ लोक सेवक शामिल हैं।
अधिकारियों के अनुसार, मामला बांदीपोरा जिले के सुम्बल स्थित जेएंडके बैंक शाखा में वर्ष 2022 से प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत स्वीकृत किए गए कई ऋणों में कथित अनियमितताओं और धन के दुरुपयोग से जुड़ा है।
पीएमईजीपी केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है।
सीबीआई द्वारा पिछले सप्ताह दर्ज एफआईआर में कहा गया है कि इस मामले में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक विश्वासघात और भ्रष्टाचार जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक, बैंक के कुछ अज्ञात अधिकारियों ने कथित तौर पर लाभार्थियों और निजी व्यक्तियों के साथ मिलकर बड़ी संख्या में पीएमईजीपी ऋण स्वीकृत करवाए।
एफआईआर के अनुसार, लाभार्थियों के नाम पर जारी की गई ऋण राशि बाद में फर्जी और काल्पनिक बिलों तथा इनवॉइस के जरिए आरोपियों के खातों में ट्रांसफर कर दी गई। सीबीआई का कहना है कि इस पूरे खेल में कुछ अज्ञात सरकारी कर्मचारियों की भी मिलीभगत हो सकती है।
जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि इस कथित साजिश से बैंक और सरकारी खजाने को आर्थिक नुकसान पहुंचा, जबकि आरोपियों और कुछ अज्ञात लोक सेवकों को इसका अनुचित लाभ मिला। सीबीआई के अनुसार, शुरुआती जांच में यह मामला सार्वजनिक धन के गबन और दुरुपयोग का भी संकेत देता है।
इस मामले में 19 आरोपियों के अलावा केवीआईबी (खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड), केवीआईसी (खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग), और डीआईसी (जिला उद्योग केंद्र) के कुछ लोक सेवकों, बैंक अधिकारियों, और निजी व्यक्तियों को भी जांच के दायरे में रखा गया है।
सीबीआई ने आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है।
--आईएएनएस
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