कर्नाटक: बसवराज बोम्मई ने स्टिंग ऑपरेशन मामले में की सीबीआई जांच की मांग
हावेरी, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा सांसद बसवराज बोम्मई ने बुधवार को राज्य में चल रहे स्टिंग ऑपरेशन विवाद की सीबीआई जांच की मांग की।
उन्होंने आरोप लगाया कि कर्नाटक पुलिस निष्पक्ष जांच नहीं कर सकती और राज्य पुलिस की विशेष जांच टीमों (एसआईटी) द्वारा की गई जांच से जनता का भरोसा उठ गया है।
हावेरी में मीडिया से बात करते हुए बोम्मई ने कहा कि इस विवाद में कई लोग शामिल हैं, इसलिए केवल एक शिकायत तक सीमित रहने के बजाय इसकी व्यापक जांच होनी चाहिए। वह उस स्टिंग ऑपरेशन विवाद से जुड़े सवालों का जवाब दे रहे थे, जिसने कर्नाटक में राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है।
उन्होंने कहा, "सिर्फ बयानों से कुछ सामने नहीं आएगा। जांच होनी चाहिए। फिलहाल सिद्दारमैया की ओर से दी गई एक शिकायत के आधार पर जांच चल रही है। इसलिए यह कोई गंभीर या व्यापक जांच नहीं है।"
बोम्मई ने कहा कि स्टिंग ऑपरेशन में कई लोग शामिल हैं और इससे जुड़ी परिस्थितियों की गहराई से जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस विवाद ने कर्नाटक की राजनीति में गिरते नैतिक मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
उन्होंने कहा, "सच सामने लाने के लिए एक व्यापक जांच जरूरी है। यह जांच सीबीआई को सौंप दी जानी चाहिए। कर्नाटक पुलिस निष्पक्ष जांच नहीं कर सकती।"
राज्य पुलिस की एसआईटी के ट्रैक रिकॉर्ड पर सवाल उठाते हुए बोम्मई ने पूछा कि क्या उनकी किसी भी जांच से कभी पूरा सच सामने आ पाया है। लोगों का ऐसी जांचों से भरोसा उठ गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले की जांच करते समय पुलिस दबाव में आ सकती है।
गृह मंत्री प्रियांक खड़गे के इस बयान पर कि राज्य पुलिस सही तरीके से जांच कर रही है और सीबीआई जांच की कोई जरूरत नहीं है। बोम्मई ने कहा कि गृह मंत्री सिर्फ यह कहकर जांच को संतोषजनक नहीं बता सकते।
उन्होंने कहा, "इसके बजाय उनके ट्रैक रिकॉर्ड को देखा जाना चाहिए। जब कर्नाटक पुलिस एसआईटी के जरिए जांच करती है तो वह व्यापक नहीं होती। इस मामले में पुलिस के दबाव में आने की भी संभावना है। इसलिए यह मामला सीबीआई को सौंप दिया जाना चाहिए।"
बोम्मई ने यह भी कहा कि जांच में इस विवाद के सभी पहलुओं को शामिल किया जाना चाहिए, न कि इसे केवल एक शिकायत तक सीमित रखा जाए। उन्होंने कहा कि केवल एक गहन जांच ही तथ्यों को सामने ला सकती है और जनता का भरोसा बहाल कर सकती है। जब उनसे पूछा गया कि क्या इस स्टिंग ऑपरेशन का मकसद सिद्दारमैया को नीचा दिखाना था तो बोम्मई ने कहा कि विवाद सामने आने के बाद से पूर्व मुख्यमंत्री ने इस मामले पर कुछ नहीं कहा है।
उन्होंने कहा कि सिद्दारमैया सही समय आने पर जनता के सामने अपनी बात रखेंगे।
इस सवाल के जवाब में कि क्या यह स्टिंग ऑपरेशन राज्य में सत्ता हस्तांतरण (पावर ट्रांसफर) से जुड़ा है, बोम्मई ने कहा कि सिद्दारमैया ने अपने पूरे राजनीतिक करियर में एक अलग और अक्सर बागी रास्ता अपनाया है।
उन्होंने कहा, "उनके राजनीतिक बैकग्राउंड को देखते हुए और सत्ता हस्तांतरण से जुड़े हालात पर गौर करें, खासकर यह देखते हुए कि खुद मुख्यमंत्री ने ही अब यह मुद्दा उठाया है तो कई सवाल खड़े होते हैं। इन सवालों के जवाब एक उचित जांच के जरिए ही मिल सकते हैं।"
जब उनसे पूछा गया कि क्या इस स्टिंग ऑपरेशन में ब्लैकमेलिंग शामिल थी, तो बोम्मई ने कहा कि इस मामले पर खुद सिद्धारमैया को ही स्पष्टीकरण देना होगा।
भाजपा से निकाले गए विधायक बसनागौड़ा पाटिल और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र के बीच हुई मुलाकात पर बोम्मई ने कहा कि राजनीतिक मतभेदों की वजह से नेताओं को एक साथ मिलकर काम करने से नहीं रुकना चाहिए।
उन्होंने कहा, "राजनीति में कोई भी हमेशा के लिए दुश्मन नहीं होता। मेरी नजर में तो कोई दुश्मन होता ही नहीं, बस प्रतिस्पर्धा होती है। इसलिए नेताओं का एक साथ आना और एकजुट होकर काम करना एक बहुत अच्छी पहल है।"
उन्होंने कहा, "हमारी और हमारे पार्टी कार्यकर्ताओं की यही राय है कि अगर हम एक सुर में आगे बढ़ें, तो भाजपा बहुत बड़ी जीत हासिल कर सकती है। मुझे उम्मीद है कि आने वाले दिनों में हमें ऐसी और भी कई घटनाएं देखने को मिलेंगी।"
--आईएएनएस
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