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कर्नाटक: होमबायर्स से धोखाधड़ी मामले में सीबीआई की बड़ी कार्रवाई, 14वीं-15वीं चार्जशीट दाखिल

 

बेंगलुरु, 7 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने होमबायर्स से कथित धोखाधड़ी के मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए 14वीं और 15वीं चार्जशीट दाखिल की है। इन चार्जशीट्स में बेंगलुरु की दो बिल्डर कंपनियों, उनके निदेशकों और कई प्रमुख वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है।

सीबीआई के मंगलवार को जारी बयान के मुताबिक, एजेंसी ने इथाका एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशक, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक तथा इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड के अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इसके अलावा एलजीसीएल अर्बन होम्स (इंडिया) एलएलपी और उसके निदेशक को भी बेंगलुरु की एक हाउसिंग परियोजना से जुड़े कथित फर्जीवाड़े के मामले में आरोपी बनाया गया है।

सीबीआई की जांच में सामने आया है कि बिल्डर कंपनियों के निदेशकों ने बैंक अधिकारियों और अन्य निजी व्यक्तियों के साथ कथित साजिश रचकर घर खरीदने वालों और निवेशकों को झूठे वादों और भ्रामक दावों के जरिए गुमराह किया। आरोप है कि इन लोगों ने अवैध और धोखाधड़ीपूर्ण तरीकों से वित्तीय लाभ हासिल करने के उद्देश्य से लोगों को ठगा।

एजेंसी ने कहा कि जांच के दौरान पर्याप्त साक्ष्य जुटाए गए हैं। इसके आधार पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और पद के दुरुपयोग से संबंधित धाराओं के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत चार्जशीट दाखिल की गई है।

सीबीआई फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर देशभर में विभिन्न बिल्डर कंपनियों और वित्तीय संस्थानों के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ दर्ज 34 अन्य मामलों की भी जांच कर रही है। ये मामले होमबायर्स से कथित धोखाधड़ी और परियोजनाओं के धन के दुरुपयोग से जुड़े हैं।

इससे पहले एजेंसी रुद्रा बिल्डवेल कंस्ट्रक्शंस, ड्रीम प्रोकोन, जेपी इंफ्राटेक, एवीजे डेवलपर्स, सीएचडी डेवलपर्स, सीक्वेल बिल्डकॉन, लॉजिक्स सिटी डेवलपर्स, मंजू जे होम्स इंडिया, शुभकामना बिल्डटेक, नाइनेक्स डेवलपर्स, डीसेंट बिल्डवेल और रुद्रा बिल्डवेल प्रोजेक्ट्स समेत कई रियल एस्टेट कंपनियों, उनके निदेशकों तथा विभिन्न बैंकों और वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों के खिलाफ 13 चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।

सीबीआई ने कहा कि आर्थिक अपराध, भ्रष्टाचार और आम नागरिकों, विशेषकर होमबायर्स के हितों को प्रभावित करने वाले मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए एजेंसी अपनी कार्रवाई जारी रखेगी।

--आईएएनएस

डीएससी