रिलायंस टेलीकॉम एसबीआई फ्रॉड केस में सीबीआई की बड़ी कार्रवाई, मुंबई में कई ठिकानों पर की छापेमारी
मुंबई, 26 मार्च (आईएएनएस)। रिलायंस टेलीकॉम एसबीआई फ्रॉड केस में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। सीबीआई ने देश की आर्थिक राजधानी में इस मामले से जुड़ी कंपनी और लोगों के कई ठिकानों पर छापेमारी की। इसमें सतीश सेठ और गौतम दोशी के आवास के साथ-साथ कंपनी के रजिस्टर्ड ऑफिस भी शामिल हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, इस दौरान लोन ट्रांजैक्शन और वित्तीय लेन-देन से जुड़े कई अहम दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
एजेंसी अब बैंकिंग रिकॉर्ड, आपसी पत्राचार और लोन मंजूरी से जुड़े आंतरिक दस्तावेजों की जांच करेगी। जांच के नतीजों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि तलाशी अभियान अभी जारी है और जांच के दौरान और सबूत जुटाए जा सकते हैं।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड और उसके पूर्व निदेशकों सतीश सेठ और गौतम बी. दोशी समेत कुछ अज्ञात सरकारी अधिकारियों और अन्य लोगों के खिलाफ बैंक धोखाधड़ी के मामले में केस दर्ज किया है। यह मामला भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) से जुड़े करीब 114.98 करोड़ रुपए के कथित घोटाले से संबंधित है।
अधिकारियों के अनुसार, एजेंसी ने इस मामले में भारतीय दंड संहिता के तहत आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी के आरोप लगाए हैं। इसके साथ ही भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत आपराधिक कदाचार और पद के दुरुपयोग से जुड़े प्रावधान भी लगाए गए हैं।
यह मामला एसबीआई की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया, जिसमें आरोप लगाया गया है कि संबंधित कंपनियों और व्यक्तियों ने बैंक के साथ धोखाधड़ी की, जिससे उसे भारी वित्तीय नुकसान हुआ। एसबीआई उन 11 बैंकों के कंसोर्टियम का हिस्सा था, जिन्होंने मिलकर रिलायंस टेलीकॉम को 735 करोड़ रुपए का टर्म लोन दिया था।
केस दर्ज करने के बाद सीबीआई ने मुंबई में कई स्थानों पर छापेमारी की है।
यह कार्रवाई रिलायंस ग्रुप से जुड़ी कंपनियों में कथित वित्तीय गड़बड़ियों की जांच के बीच की जा रही है। इससे पहले इसी महीने सीबीआई ने अनिल अंबानी से एक अलग मामले में पूछताछ की थी। यह मामला रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) से जुड़े लगभग 2,929 करोड़ रुपए के कथित बैंक धोखाधड़ी से संबंधित था, जिसकी शिकायत भी एसबीआई ने की थी।
अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में लोन की राशि के गलत इस्तेमाल और तय शर्तों के उल्लंघन के आरोप हैं। बैंक ने पहले ही इन खातों को फ्रॉड घोषित कर दिया था, जिसके बाद जांच एजेंसियों ने कंपनी के दफ्तरों और संबंधित लोगों के ठिकानों पर कार्रवाई शुरू की।
सूत्रों के मुताबिक, अनिल अंबानी को दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया गया है। इसके अलावा इस मामले में जुड़े अन्य कॉरपोरेट अधिकारियों से भी कई वित्तीय लेन-देन की व्यापक जांच के तहत पूछताछ की गई है।
--आईएएनएस
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