सीबीआई ने चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में संदिग्धों का पता लगाने के लिए दिल्ली में की छापेमारी
नई दिल्ली, 16 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक (पीए) चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की जांच अब तेजी से आगे बढ़ रही है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शनिवार को दिल्ली के स्वरूप नगर इलाके में बड़े स्तर पर छापेमारी की।
अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के साथ मिलकर की गई। जांच एजेंसियां उस संदिग्ध की तलाश कर रही थीं, जिसका नाम इस सनसनीखेज हत्या मामले में सामने आया है।
सीबीआई की टीम ने स्वरूप नगर इलाके के दो अलग-अलग घरों में कई घंटों तक तलाशी अभियान चलाया। हालांकि, जिस व्यक्ति की तलाश की जा रही थी, वह दोनों जगहों पर नहीं मिला। तलाशी पूरी होने के बाद जांच एजेंसी ने संदिग्ध के पिता को नोटिस सौंपा और जांच में सहयोग करने के साथ आरोपी को पेश करने के निर्देश दिए।
जांच में अब तक कई अहम खुलासे हुए हैं। शुरुआती जांच के मुताबिक, चंद्रनाथ रथ की हत्या में इस्तेमाल की गई चारपहिया गाड़ी झारखंड से लाई गई थी। सीबीआई इस गाड़ी, आरोपियों की गतिविधियों और हत्या के पीछे की पूरी साजिश की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
सूत्रों के अनुसार, मामले में गिरफ्तार तीन आरोपियों में से एक मयंक राज मिश्रा ने पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि उसे झारखंड के एक व्यक्ति ने यह गाड़ी झारखंड से पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के बारासात तक पहुंचाने का काम दिया था। बारासात वही इलाका है, जो मध्यमग्राम के उस स्थान के पास है जहां चंद्रनाथ रथ की हत्या हुई थी।
मयंक राज मिश्रा ने स्वीकार किया कि वह गाड़ी को झारखंड से चलाकर बारासात लाया और वहां एक सुनसान जगह पर उसकी नंबर प्लेट बदल दी। जांच में पता चला कि असली नंबर प्लेट दार्जिलिंग जिले के सिलीगुड़ी आरटीओ में रजिस्टर्ड थी। मयंक राज मिश्रा ने यह भी बताया कि गाड़ी पहुंचाने के बदले उसे एक लाख रुपए दिए गए थे। इसके बाद वह हावड़ा स्टेशन पहुंचा और वहां से ट्रेन पकड़कर बक्सर चला गया, जहां उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
चंद्रनाथ रथ की हत्या 6 मई की रात हुई थी, ठीक दो दिन पहले जब 4 मई को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आए थे। उस रात चंद्रनाथ रथ एक पार्टी कार्यक्रम से लौट रहे थे। मध्यमग्राम इलाके में उनकी गाड़ी को झारखंड से लाई गई कार ने रोक लिया। इसी दौरान काफी देर से पीछा कर रही दो मोटरसाइकिलों में से एक उनके वाहन के पास आकर रुकी और हमलावर ने बेहद करीब से 10 गोलियां चला दीं।
इस हमले में चंद्रनाथ रथ की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके ड्राइवर बुद्धदेव बेरा गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हालांकि, अब उनके ड्राइवर की हालत में तेजी से सुधार हो रहा है।
--आईएएनएस
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