आर्थिक संबंधों की मजबूती और सहयोग के नए क्षेत्रों की तलाश भारत-कनाडा के लिए महत्वपूर्ण : अनीता आनंद
ओटावा, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने भारत की यात्रा के दौरान नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ बातचीत की। उन्होंने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के दौर में भारत और कनाडा, दोनों के मजबूत आर्थिक रिश्तों और नए सहयोग के अवसरों में समान रुचि है।
अनीता आनंद ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "इस सप्ताह मैं नई दिल्ली में हूं, ताकि कनाडा और भारत के बीच हाल के समय में बनी सकारात्मक गति को आगे बढ़ाया जा सके और व्यापार, निवेश तथा सुरक्षा से जुड़े साझा लक्ष्यों पर काम किया जा सके। ऐसे समय में जब दुनिया कई तरह की अनिश्चितताओं का सामना कर रही है, दोनों देशों के लिए आर्थिक संबंधों को और मजबूत करना और सहयोग के नए क्षेत्रों की तलाश करना महत्वपूर्ण है।''
प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के बाद आनंद ने कहा, "कनाडा और भारत के पास मिलकर एक अधिक समृद्ध भविष्य बनाने की जबरदस्त संभावनाएं हैं। आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर रणनीतिक साझेदारी और व्यापार, निवेश व सुरक्षा के नए अवसरों पर चर्चा करने का मौका मिला।"
उन्होंने कहा कि करीब 80 साल पुराने भारत-कनाडा राजनयिक संबंधों को उन परिवारों, छात्रों और उद्यमियों ने और मजबूत बनाया है, जिन्होंने दोनों देशों को एक-दूसरे के करीब लाने में योगदान दिया।
कनाडाई विदेश मंत्री ने इस साल प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की भारत यात्रा और टीम कनाडा ट्रेड मिशन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ये नई पहलें इस बात का संकेत हैं कि दोनों देश साझा प्राथमिकताओं को लंबे समय तक चलने वाले अवसरों में बदलना चाहते हैं। हम इस दिसंबर प्रधानमंत्री मोदी के कनाडा दौरे का स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनकी बैठक काफी सकारात्मक रही और इसमें व्यापार, प्रौद्योगिकी, सुरक्षा, ऊर्जा, शिक्षा और लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों में भारत-कनाडा संबंधों को और मजबूत बनाने पर चर्चा हुई। भारत कनाडा के साथ एक रचनात्मक और भविष्य को ध्यान में रखने वाली रणनीतिक साझेदारी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे दोनों देशों के लोगों को ठोस लाभ मिल सके।
वहीं, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि दोनों नेताओं ने व्यापार और निवेश, शिक्षा, ऊर्जा, रक्षा तथा लोगों के बीच संबंधों सहित कई क्षेत्रों में हुई प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ।
जयशंकर ने कहा, "हमारे शीर्ष नेतृत्व के मार्गदर्शन और सरकार व उद्योग जगत के बीच लगातार संवाद की बदौलत हमारी रणनीतिक साझेदारी आगे बढ़ रही है।"
विदेश मंत्रालय के अनुसार, जून 2025 के बाद से यह अनीता आनंद की भारत की तीसरी यात्रा है, जो भारत-कनाडा संबंधों में लगातार उच्च स्तरीय संपर्क और बढ़ती सकारात्मकता को दर्शाती है।
अनीता आनंद और एस. जयशंकर ने नई दिल्ली में आयोजित ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में 'क्या यह मध्यम शक्तियों का समय है?' विषय पर एक चर्चा में भी हिस्सा लिया। इस पैनल में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री केविन रुड और ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक भी शामिल थे।
कनाडा सरकार के अनुसार, सितंबर 2025 से अब तक अनीता आनंद और एस. जयशंकर के बीच यह 11वीं मुलाकात है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2025 में भारत और कनाडा के बीच द्विपक्षीय व्यापार 30.4 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जिसमें 11 अरब डॉलर का वस्तु व्यापार शामिल था।
भारत और कनाडा के संबंध 2023 और 2024 में आए तनावपूर्ण दौर से उबर चुके हैं। उस समय दोनों देशों ने एक-दूसरे के राजनयिकों को निष्कासित कर दिया था, जिससे रिश्तों में काफी तनाव आ गया था। अब दोनों देश संबंधों को फिर से मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
--आईएएनएस
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