कलकत्ता हाईकोर्ट ने बंगाल में वकीलों पर हुए हमलों के खिलाफ कार्रवाई पर राज्य सरकार से मांगी रिपोर्ट
कोलकाता, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। कलकत्ता हाई कोर्ट ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल सरकार से राज्य के अलग-अलग हिस्सों में पिछले कुछ महीनों के दौरान वकीलों पर हुए हमलों के मामले में पुलिस प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई पर रिपोर्ट मांगी।
कलकत्ता हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस रवींद्र विट्ठलराव घुगे ने राज्य सरकार को शुक्रवार तक कोर्ट में रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया।
सीनियर वकील और तृणमूल कांग्रेस के चार बार लोकसभा सदस्य रहे कल्याण बनर्जी की अगुवाई में गुरुवार को कलकत्ता हाई कोर्ट के वकीलों के एक समूह ने चीफ जस्टिस की बेंच का ध्यान दक्षिण कोलकाता के जादवपुर के पास पुरबालोक में सीनियर वकील और सीपीआई-एम के पूर्व राज्यसभा सदस्य विकास रंजन भट्टाचार्य के घर पर हुए हमले की ओर दिलाया।
इस मामले में कोर्ट से दखल की मांग करते हुए कल्याण बनर्जी ने कोर्ट में कहा कि जो वकील मौजूदा सत्ताधारी पार्टी और भाजपा की सरकार के खिलाफ हैं, वे लगातार मिल रही हमलों की धमकियों की वजह से मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं।
चीफ जस्टिस घुगे ने कहा कि कोर्ट पहले ही पुलिस से हाई कोर्ट परिसर के अंदर सुरक्षा इंतजामों को बेहतर और मजबूत करने के लिए कह चुका है। साथ ही उन्होंने वकीलों से यह भी अपील की कि वे काम बंद करने (सीज-वर्क) के बजाय कोर्ट पर भरोसा रखें।
राज्य के एडिशनल एडवोकेट जनरल, राजदीप मजूमदार ने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि पुलिस प्रशासन ऐसे मामलों में कार्रवाई करेगा। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि कैसे ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार के दौरान कलकत्ता हाई कोर्ट के जस्टिस राजशेखर मंथा को परेशान किया गया था और दक्षिण कोलकाता में उनके घर की दीवार पर उनके खिलाफ अपमानजनक पोस्टर लगाए गए थे।
इस बीच, ममता बनर्जी ने भी सोशल मीडिया पर एक बयान जारी कर विकास रंजन भट्टाचार्य के घर पर गुरुवार तड़के हुए हमले के मामले में उनके प्रति एकजुटता जताई।
--आईएएनएस
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