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बंगाल में तृणमूल के पूर्व विधायक को बड़ी राहत, जबरन वसूली मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट ने दी सशर्त अंतरिम जमानत

 

कोलकाता, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। कलकत्ता हाईकोर्ट की सिंगल जज बेंच ने मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक सब्यसाची दत्ता को सशर्त अंतरिम जमानत दे दी। दत्ता को इस साल 8 जून को बिधाननगर-नॉर्थ पुलिस स्टेशन की पुलिस ने 2018 के जबरन वसूली के एक मामले में गिरफ्तार किया था। इस मामले में एक स्थानीय व्यवसायी ने उन पर जबरन वसूली के तौर पर 1 करोड़ रुपए की मांग करने का आरोप लगाया था।

जस्टिस चैताली चट्टोपाध्याय की सिंगल जज बेंच ने सब्यसाची दत्ता को अंतरिम जमानत देते हुए निर्देश दिया कि वे जमानत की अवधि के दौरान जांच अधिकारी के साथ पूरा सहयोग करें।

दिलचस्प बात यह है कि दत्ता को जमानत तब मिली जब जस्टिस तीर्थंकर बोस की एक अन्य सिंगल जज बेंच ने पश्चिम बंगाल के पूर्व अग्निशमन सेवा मंत्री सुजीत बोस की जमानत याचिका खारिज कर दी। सुजीत बोस को इस साल की शुरुआत में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पश्चिम बंगाल में करोड़ों रुपए के नगर पालिका नौकरी घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किया था।

शिकायतकर्ता व्यवसायी का दावा था कि सब्यसाची दत्ता ने मांगी गई रकम वसूलने के लिए अपने लोगों को उसके पास भेजा था, हालांकि व्यवसायी केवल 2.30 लाख रुपए ही दे पाया, जिसके बाद बाकी रकम चुकाने के लिए उस पर दबाव डाला गया।

जांचकर्ताओं ने पूर्व तृणमूल कांग्रेस नेता के कई ठिकानों पर छापेमारी की। पुलिस ने गिरफ्तारी के 57 दिन बाद इस साल 5 अगस्त को उत्तर 24 परगना जिले की बारासात अदालत में चार्जशीट दाखिल की।

बाद में, ईडी ने भी प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत एनफोर्समेंट केस इंफॉर्मेशन रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज करके मामले की जांच शुरू की। इसके आधार पर ईडी अधिकारियों ने विभिन्न स्थानों पर छापेमारी और तलाशी अभियान चलाया, हालांकि दत्ता ने शुरू से ही अपने खिलाफ लगे आरोपों से इनकार किया था।

--आईएएनएस

एससीएच/वीसी