नंदीग्राम उपचुनाव: कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को कलकत्ता हाई कोर्ट से बड़ी राहत
कोलकाता, 24 सितंबर (आईएएनएस)। कलकत्ता हाई कोर्ट की सिंगल जज बेंच ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल सरकार से कहा कि वह पूर्वी मिदनापुर जिले में अगले महीने होने वाले नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को दूसरे उम्मीदवारों की तरह ही सामान्य रूप से चुनाव लड़ने की इजाजत दे।
जस्टिस तीर्थंकर घोष ने शुरुआती टिप्पणी में कहा कि उनकी बेंच 2007 के एक हत्या के मामले में प्रधान को अंतरिम जमानत देगी। जस्टिस घोष ने कहा, "मैं उन्हें अंतरिम जमानत दे रहा हूं। उन्हें उपचुनाव में हिस्सा लेने दें। बाकी सब मामले के नतीजे पर निर्भर करेगा।"
उन्होंने साफ किया कि शुक्रवार को शाम 4 बजे होने वाली सुनवाई के बाद कोर्ट अंतरिम जमानत पर फाइनल फैसला लेगा।
पश्चिम बंगाल की जिला अदालतों के आदेश के बाद प्रधान अभी दो मामलों में न्यायिक हिरासत में हैं। 2007 के मर्डर केस में उन्हें 3 अक्टूबर तक रिमांड पर भेजा गया था, जबकि एक दूसरे मामले में कोर्ट ने उन्हें 5 अक्टूबर तक जेल भेज दिया। कोर्ट ने निर्देश दिया कि उन्हें 23 सितंबर को व्यक्तिगत रूप से पेश किया जाए।
उन्होंने बुधवार को दोनों मामलों में जमानत के लिए जस्टिस घोष की बेंच का रुख किया। गुरुवार दोपहर को मामले की सुनवाई हुई, जिसके बाद जस्टिस घोष ने अपनी टिप्पणी की।
इससे पहले दिन में जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की सिंगल जज बेंच ने राज्य पुलिस को 12 अक्टूबर तक प्रधान के खिलाफ किसी भी नए मामले में केस दर्ज करने या आगे कोई कार्रवाई करने से रोक दिया था।
इस बीच, राज्य सरकार ने सिंगल जज के आदेश को चुनौती देते हुए कलकत्ता हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच का रुख किया है, जिसके प्रमुख चीफ जस्टिस रवींद्र विट्ठलराव घुगे हैं। इस मामले की सुनवाई शुक्रवार को चीफ जस्टिस की बेंच में होगी।
पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव 6 अक्टूबर को होंगे और नतीजे 9 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे।
प्रधान को 18 सितंबर को गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के उस ऐलान के कुछ ही घंटों बाद हुई, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनकी तृणमूल कांग्रेस पार्टी नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार का समर्थन करेगी। बनर्जी का यह ऐलान उनकी पार्टी की उम्मीदवार संचिता डे प्रधान के अपना नामांकन वापस लेने के कुछ ही समय बाद आया था।
मिलन को 2007 में नंदीग्राम में जमीन अधिग्रहण विरोधी आंदोलन के दौरान दर्ज हत्या के एक पुराने मामले में गिरफ्तार किया गया था। यह मामला दिवंगत बुद्धदेव भट्टाचार्य के नेतृत्व वाली वाम मोर्चा सरकार के समय का है।
--आईएएनएस
एएसएच/डीकेपी