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केरल में बस नवीनीकरण परियोजना से केएसआरटीसी को होगा लाभ: परिवहन मंत्री जॉन

 

तिरुवनंतपुरम, 13 अगस्त (आईएएनएस)। राज्य सरकार के 100 दिन के कार्यक्रम के तहत चलाए जा रहे बसों के नवीनीकरण योजना से केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) को आर्थिक फायदा होगा। यह बात परिवहन मंत्री सीपी जॉन ने गुरुवार को कही।

तिरुवनंतपुरम सिटी डिपो में प्रोजेक्ट के पहले चरण में नवीनीकृत की गई 14 बसों को हरी झंडी दिखाने के बाद मंत्री ने कहा कि एक नई बस खरीदने में लगने वाले पैसे से लगभग 10 बसों की मरम्मत करके उन्हें फिर से सेवा में लाया जा सकता है।

डीलक्स कैटेगरी की बस को नवीनीकृत करने की औसत लागत लगभग 2.5 लाख रुपए है। इसके उलट एफटी, एसएफटी और इसी तरह की सेवाओं वाली बसों को औसतन 1.5 लाख रुपए की लागत से नवीनीकृत किया जा सकता है।

इस कार्य में बसों के आंतरिक और बाहरी स्वरूप में सुधार के साथ-साथ उनके यांत्रिक और विद्युत तंत्र, सीटो प्रकाश व्यवस्था, फर्श और खिड़कियों का निरीक्षण और मरम्मत भी शामिल है। नवीनीकरण का कार्य वर्तमान में केएसआरटीसी की पांच कार्यशालाओं में चल रहा है।

मंत्री ने कुशल मैकेनिकल स्टाफ, वर्करों और यूनियनों की तारीफ की, जिनकी कोशिशों से प्रोजेक्ट का पहला चरण तेजी से पूरा हो सका। उन्होंने कहा कि केएसआरटीसी का मकसद यात्रियों के लिए सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का अनुभव सुनिश्चित करना है, जिसके लिए बसों की क्वालिटी बेहतर करना जरूरी था।

नवीनीकरण के कार्यक्रम में 26 सुपर क्लास बसें, 52 फास्ट पैसेंजर और सुपर फास्ट बसें और 22 ऑर्डिनरी बसें शामिल हैं। अभी, बीएस-III और बीएस-IV बसें, जिनकी तय सर्विस लाइफ पूरी हो चुकी है, लेकिन जो दोबारा इस्तेमाल के लिए तकनीकी रूप से ठीक हैं, उन्हें नवीनीकृत किया जा रहा है।

बसों के इंजन की खास तौर पर जांच की जा रही है, और सिर्फ उन्हीं इंजनों को इस प्रोसेस से गुजारा जा रहा है, जिन्हें रीकंडीशनिंग की जरूरत है। टेस्ट के नतीजों के मुताबिक, रिफर्बिश्ड की गई बसों में प्रदूषण के लेवल में 80 से 85 प्रतिशत की कमी देखी गई है।

मंत्री ने कहा कि समय-समय पर रिफर्बिश्डमेंट करने से बसों की ऑपरेशनल लाइफ काफी बढ़ सकती है। इस प्रोजेक्ट से केएसआरटीसी तकनीकी रूप से ठीक पुरानी बसों को लंबे समय तक सेवा में बनाए रख सकेगा और नई बसें खरीदने के साथ-साथ अपने मौजूदा बेड़े का ज्‍यादा बेहतर इस्तेमाल कर सकेगा।

मंत्री जॉन ने 'प्रोजेक्ट सूर्य' की भी घोषणा की और रिफर्बिश्डमेंट का काम करने वाले मैकेनिकल विभाग के कर्मचारियों को सर्टिफिकेट बांटे।

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी