तेलंगाना पुलिस पर दुर्व्यवहार का आरोप, बीआरएस की महिला विधायकों ने एनएचआरसी और एनसीडब्ल्यू से की शिकायत
हैदराबाद, 11 सितंबर (आईएएनएस)। भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की महिला विधायकों ने शुक्रवार को नई दिल्ली में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) और राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) का रुख करते हुए आरोप लगाया कि तेलंगाना पुलिस ने उन्हें राज्य विधानसभा में प्रवेश करने से रोकते हुए उनके साथ दुर्व्यवहार और अपमानजनक व्यवहार किया।
उन्होंने दोनों राष्ट्रीय आयोगों से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के रूप में उनके अधिकारों का उल्लंघन किया गया है और पुलिस कर्मियों के आचरण की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
बीआरएस के विधायकों, विधान परिषद सदस्यों (एमएलसी), सांसदों और वरिष्ठ नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने अलग-अलग मुलाकात कर एनएचआरसी सदस्य विजया भारती और एनसीडब्ल्यू अध्यक्ष विजया किशोर रहाटकर को ज्ञापन सौंपा और घटना का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया।
बीआरएस की ओर से जारी बयान के अनुसार, पूर्व मंत्री एवं विधायक पी सबिता इंद्रा रेड्डी और वी सुनीता लक्ष्मा रेड्डी ने आयोगों को विधानसभा परिसर के प्रवेश द्वार पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई से अवगत कराया।
दोनों नेताओं ने आरोप लगाया कि महिला विधायक होने के बावजूद उनके साथ धक्का-मुक्की की गई और पुलिस ने निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को सदन में प्रवेश करने से रोका।
सबिता इंद्रा रेड्डी ने आरोप लगाया कि उन्हें शारीरिक रूप से रोका गया, उनके बाल खींचे गए और पुलिसकर्मियों ने उनका गला दबाने की कोशिश की।
वहीं, सुनीता लक्ष्मा रेड्डी ने आरोप लगाया कि उनकी साड़ी खींची गई, जिससे उन्हें गंभीर अपमान का सामना करना पड़ा।
बीआरएस नेताओं ने सवाल उठाया कि पुलिस को निर्वाचित विधायकों को विधानसभा परिसर में प्रवेश से रोकने का अधिकार कैसे दिया जा सकता है।
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी आरोप लगाया कि तेलंगाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। उनका कहना है कि घटना को 100 घंटे से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन कथित रूप से महिला विधायकों से दुर्व्यवहार करने वालों के खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई।
बीआरएस नेताओं ने आरोप लगाया कि कार्रवाई करने के बजाय पुलिस ने पार्टी के विधायकों के खिलाफ ही मामले दर्ज कर दिए।
उन्होंने तेलंगाना सरकार पर भी आरोप लगाया कि वह कथित पुलिस ज्यादतियों पर चुप्पी साधे हुए है और जवाबदेही तय नहीं कर रही है।
बीआरएस प्रतिनिधिमंडल ने एनएचआरसी और एनसीडब्ल्यू से मांग की कि मामले की व्यापक और निष्पक्ष जांच कराई जाए, विधानसभा परिसर के सभी सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखे जाएं, जिम्मेदार लोगों की पहचान की जाए और उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।
साथ ही उन्होंने महिला विधायकों की गरिमा और अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की।
प्रतिनिधिमंडल में पूर्व मंत्री जी. जगदीश रेड्डी, सत्यवती राठौड़, एमएलसी सुरभि वाणी देवी, विधायक कोवा लक्ष्मी, पल्ला राजेश्वर रेड्डी, सांसद वद्दीराजू रविचंद्र तथा बीआरएस नेता सोमा भारत कुमार सहित अन्य नेता शामिल थे।
--आईएएनएस
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