टी-शर्ट को लेकर तेलंगाना विधानसभा गेट पर भिड़े बीआरएस विधायक और पुलिस, केटीआर समेत कई नेता हिरासत में
हैदराबाद, 7 सितंबर (आईएएनएस)। मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को तेलंगाना विधानसभा के मुख्य प्रवेश द्वार पर विपक्षी पार्टी भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के विधायकों और पुलिस के बीच टकराव देखने को मिला। बीआरएस नेताओं के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुए हंगामे के बाद पुलिस ने केटी रामा राव, टी. हरीश राव और अन्य को हिरासत में ले लिया।
पुलिस की ओर से बीआरएस के उन एमएलए और एमएलसी को रोक दिया गया, जिन्होंने राज्य सरकार के अधूरे वादों के विरोध में नारे लिखी टीशर्ट पहनी हुई थी। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें बताया कि टी-शर्ट पहनकर विधानसभा में जाने की इजाजत नहीं है। इस बात पर विधायकों और पुलिस के बीच तीखी बहस हुई और आखिरकार हाथापाई की नौबत आ गई।
बीआरएस का आरोप है कि पुलिस की कार्रवाई में के.टी. रामा राव, जगदीश रेड्डी और सुनीता रेड्डी को मामूली चोटें आईं। पूर्व मंत्री और विधानसभा में बीआरएस के डिप्टी लीडर हरीश राव हाथापाई के दौरान गिर पड़े। पुलिसकर्मियों की बदसलूकी से विधायक सुनीता रेड्डी रो पड़ीं। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने सुनीता रेड्डी की साड़ी फाड़ दी और उन्हें अपमानित किया।
बीआरएस का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने पूर्व मंत्री सबिता इंद्रा रेड्डी के बाल खींचकर बदसलूकी की। इस हंगामे के बीच पूर्व मंत्री जगदीश रेड्डी बेहोश हो गए, जबकि के.टी. रामा राव और हरीश राव ने विरोध जताने के लिए अपनी टी-शर्ट उतार दीं और बनियान में आ गए। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने विरोध कर रहे विधायकों को जबरन उठाया और वहां से ले गए।
बीआरएस का आरोप है कि पुलिस ने हरीश राव के साथ बुरा बर्ताव किया। बीआरएस कार्यकर्ता पुलिस के 'अलोकतांत्रिक' व्यवहार से नाराज थे। उनका कहना था कि पुलिस ने इस बात की भी परवाह नहीं की कि वह विपक्ष के नेता हैं। बीआरएस नेताओं का आरोप है कि सवाल पूछे जाने के डर से रेवंत रेड्डी सरकार मारपीट और गिरफ्तारी का सहारा ले रही है।
विपक्षी पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने के.टी. रामा राव के साथ बदतमीजी की और उन्हें जबरन गाड़ी में बैठाया। बीआरएस के विधायक तलसानी श्रीनिवास यादव, सबिता इंद्रा रेड्डी, सुनीता रेड्डी, कोवा लक्ष्मी और माधवराम कृष्णा राव ने अपने साथी बीआरएस विधायकों के साथ पुलिस की ज्यादती के विरोध में विधानसभा गेट के अंदर धरना दिया।
के.टी. रामा राव ने पुलिस के व्यवहार को लेकर सरकार पर गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने सवाल किया कि जब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी विरोध जताने के लिए संसद में काली टी-शर्ट पहन सकते हैं, तो उन्हें क्यों रोका गया।
पूर्व मंत्री ने कहा कि वे तो बस 2023 के चुनावों के दौरान किए गए वादों को पूरा न करने को लेकर सरकार से सवाल पूछ रहे थे। इसके कुछ ही देर बाद के.टी. रामा राव, हरीश राव और पार्टी के दूसरे नेता पार्टी हेडक्वार्टर पहुंचे। पार्टी ने सरकार के उस कदम के विरोध में पूरे राज्य में प्रदर्शन करने का आह्वान किया है, जिसके तहत उसके विधायकों को सत्र में शामिल होने से रोका गया।
के.टी. रामा राव ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने वादों को पूरा न करके समाज के सभी वर्गों के साथ धोखा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार 420 वादों, छह गारंटियों और 13 घोषणाओं में से किसी को भी पूरा करने में नाकाम रही है।
--आईएएनएस
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