×

बलूच नेशनल मूवमेंट ने पाकिस्तानी सेना की कार्रवाई को बताया आतंकवाद, अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की मांग

 

क्वेटा, 5 जून (आईएएनएस)। बलूच नेशनल मूवमेंट (बीएनएम) ने चेतावनी दी है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय की लगातार चुप्पी के कारण बलूचिस्तान में मानवाधिकारों की स्थिति खराब होती जा रही है। संगठन का आरोप है कि पाकिस्तान की सेना पूरे प्रांत में बिना भेदभाव के हमले कर रही है और आम, निहत्थे नागरिकों को निशाना बना रही है।

बीएनएम ने इन कार्रवाइयों को 'आतंकवाद' बताया है और कहा है कि पाकिस्तानी अधिकारी 'बलूच नागरिकों के व्यवस्थित नरसंहार' में शामिल हैं। संगठन ने जोर देकर कहा कि इस स्थिति में तुरंत अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की जरूरत है।

अपने बयान में बीएनएम ने कहा क‍ि बलोच नेशनल मूवमेंट इस आतंकवाद की कड़ी निंदा करता है। पाकिस्तान बलोच राष्ट्र का व्यवस्थित नरसंहार कर रहा है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप बेहद जरूरी है।

संगठन ने बताया कि इस हफ्ते अकेले बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना की ओर से 17 लोगों को कथित तौर पर बिना न्यायिक प्रक्रिया के मार दिया गया। आरोप लगाया गया कि प्रांत के कई इलाकों जैसे मस्तुंग, नोशकाई, जेहरी, खुजदार, केच और ग्वादर में रोजाना लोगों को गायब किया जा रहा है। इसके अलावा सेना के हेलीकॉप्टरों की ओर से नागरिक इलाकों में लगातार गोलाबारी की जा रही है।

बीएनएम के अनुसार, 1948 में बलूचिस्तान पर पाकिस्तान के कब्जे के पहले दिन से ही यह क्षेत्र लगातार सैन्य कार्रवाई और हिंसा झेल रहा है। राज्य की नीति हमेशा से राजनीतिक ताकतों को बेहद सख्ती और हिंसा के जरिए दबाने की रही है।

संगठन ने कहा क‍ि जबरन गायब किए जाने की लगातार घटनाओं ने हजारों परिवारों को सामाजिक और आर्थिक रूप से बर्बाद कर दिया है। 31 मई से 2 जून के बीच सिर्फ तीन दिनों में पाकिस्तान सेना ने 17 लोगों को मार डाला, लेकिन उनके बारे में जानकारी छुपाई जा रही है।

उन्होंने आरोप लगाया क‍ि कई मामलों में पहले से अगवा किए गए लोगों को हिरासत में मार दिया जाता है और फिर सेना इसे ‘मुठभेड़’ बताकर आतंकवाद विरोधी कार्रवाई का दावा करती है। इसके अलावा, मारे गए लोगों के शव उनके परिवारों को नहीं दिए जाते।

बीएनएम ने कहा कि पाकिस्तानी अधिकारी बलूचिस्तान में 'सुनियोजित नरसंहार' की नीति चला रहे हैं, जिसका उद्देश्य क्षेत्र की राजनीतिक, सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक पहचान को धीरे-धीरे खत्म करना है।

संगठन ने यह भी बताया कि डेरा बुगती, कोहलू, अवारन, जेहरी, खुजदार, पंजगुर, केच और ग्वादर जैसे जिलों के दर्जनों गांव पूरी तरह तबाह कर दिए गए हैं, जिससे बड़े पैमाने पर लोग विस्थापित हो गए हैं।

बीएनएम ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि बलूचिस्तान को 'युद्ध प्रभावित और विवादित क्षेत्र' घोषित किया जाए और तुरंत हस्तक्षेप किया जाए।

--आईएएनएस

एवाई/एबीएम