पूर्वोत्तर में भाजपा का दबदबा कायम, मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश से राज्यसभा सीटें निर्विरोध जीतीं
इंफाल/ईटानगर, 11 जून (आईएएनएस)। पूर्वोत्तर भारत में गुरुवार को मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश की एक-एक राज्यसभा सीट पर भाजपा उम्मीदवारों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया। दोनों राज्यों में नामांकन वापसी की अंतिम समय सीमा समाप्त होने के बाद यह घोषणा की गई।
दोनों ही राज्यों में राज्यसभा की एक-एक सीट के लिए केवल भाजपा उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया था। किसी अन्य दल या उम्मीदवार के मैदान में नहीं आने के कारण चुनाव की आवश्यकता नहीं पड़ी और भाजपा प्रत्याशी निर्विरोध चुने गए।
मणिपुर में भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष अधिकारिमायुम शारदा देवी को विधानसभा के रिटर्निंग ऑफिसर एवं सचिव द्वारा औपचारिक रूप से निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया। इस अवसर पर राज्य के गृह मंत्री कोंथौजाम गोविंदास सिंह, कई भाजपा विधायक और पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
मणिपुर में राज्यसभा चुनाव की जरूरत इसलिए पड़ी क्योंकि मौजूदा भाजपा सांसद महाराजा सनाजाओबा लेइसेंबा का कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो रहा है। गौरतलब है कि 60 सदस्यीय मणिपुर विधानसभा में भाजपा के 36 विधायक हैं। इसके अलावा नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के 6, नागा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) और कांग्रेस के 5-5 विधायक हैं। कुकी पीपुल्स अलायंस (केपीए) के 2, जनता दल (यूनाइटेड) का 1 विधायक और 3 निर्दलीय सदस्य भी विधानसभा में हैं। कांग्रेस को छोड़कर बाकी सभी दल भाजपा के सहयोगी माने जाते हैं।
वहीं, अरुणाचल प्रदेश में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ताई तागाक को भी निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुना गया। विधानसभा के रिटर्निंग ऑफिसर एवं सचिव तादार मीना ने उनके निर्वाचन की घोषणा की। यह सीट मौजूदा सांसद नाबाम रेबिया का कार्यकाल 23 जून को समाप्त होने के कारण खाली हो रही थी।
अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने ताई तागाक को बधाई देते हुए इसे राज्य के लिए गर्व का क्षण बताया। सोशल मीडिया पर जारी संदेश में उन्होंने कहा कि ताई तागाक अब राज्य की उम्मीदों, चिंताओं और आकांक्षाओं का राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व करेंगे। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन का उनका लंबा अनुभव संसद में अरुणाचल प्रदेश की आवाज को और मजबूत करेगा।
ताई तागाक लंबे समय से भाजपा से जुड़े रहे हैं और उन्हें अरुणाचल प्रदेश में पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने का श्रेय दिया जाता है।
60 सदस्यीय अरुणाचल विधानसभा में भाजपा के 46 विधायक हैं। इसके अलावा पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल (पीपीए) के 6, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के 3, कांग्रेस और एनपीपी के 1-1 विधायक तथा 3 निर्दलीय सदस्य हैं।
--आईएएनएस
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