भाजपा ने सीएम शिवकुमार पर साधा निशाना, 54 करोड़ के ‘ग्रीन बेंगलुरु’ पहल को बताया विफल
बेंगलुरु, 8 जुलाई (आईएएनएस)। कर्नाटक भाजपा ने बुधवार को कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। पार्टी ने आरोप लगाया कि उसकी 54 करोड़ रुपये की ‘ग्रीन बेंगलुरु’ पौधरोपण पहल विफल साबित हुई है और कथित तौर पर उचित रखरखाव के अभाव में हजारों पौधे सूख गए हैं।
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के नेतृत्व में बेंगलुरु में बड़े पैमाने पर शहरी हरितीकरण अभियान चलाया गया, जिसके तहत केवल 12 घंटे में 15 लाख पौधे लगाए गए। शहरी क्षेत्रों में बढ़ते तापमान (अर्बन हीट आइलैंड प्रभाव) को कम करने के उद्देश्य से चलाए गए इस अभियान ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी स्थान बनाया।
यह ऐतिहासिक अभियान 27 जून को बेंगलुरु के संस्थापक नादप्रभु केंपेगौड़ा की 517वीं जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया था।
एक बयान में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ भाजपा नेता आर. अशोक ने कथित तौर पर सूख चुके पौधों की तस्वीरें साझा करते हुए सरकार पर प्रचार को क्रियान्वयन से अधिक महत्व देने का आरोप लगाया।
अशोक ने आरोप लगाया कि पौधारोपण अभियान, विज्ञापनों, प्रेस कॉन्फ्रेंस और प्रचार-प्रसार पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन परियोजना शुरू होने के बाद पौधों की देखभाल नहीं की गई।
उन्होंने दावा किया कि कई पौधों को पर्याप्त सिंचाई और रखरखाव के बिना नालों के किनारे छोड़ दिया गया, जिससे वे सूख गए। उन्होंने मुख्यमंत्री शिवकुमार पर शासन को विकास कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन के बजाय "फोटो अवसर" तक सीमित रखने का आरोप लगाया।
सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए अशोक ने कहा कि कांग्रेस सरकार पहले बड़ी परियोजनाओं की घोषणा करती है, फिर उनके प्रचार पर भारी खर्च करती है लेकिन उनके उचित क्रियान्वयन को सुनिश्चित नहीं करती। उन्होंने यह भी पूछा कि यदि सरकार एक पौधरोपण कार्यक्रम का रखरखाव नहीं कर सकी, तो उस पर बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का भरोसा कैसे किया जा सकता है।
अशोक ने राहुल गांधी सहित कांग्रेस नेतृत्व की भी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि पार्टी पर्यावरण संरक्षण और सुशासन की बात तो करती है, लेकिन कर्नाटक में अपनी ही योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने में विफल रही है।
उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि पौधों के रखरखाव के लिए आवंटित धनराशि के उपयोग का पूरा ब्योरा सार्वजनिक किया जाए, कथित लापरवाही के लिए जिम्मेदार ठेकेदार की पहचान की जाए और पौधरोपण अभियान की कथित विफलता के लिए जवाबदेही तय की जाए।
हालांकि, इन आरोपों पर कर्नाटक सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
--आईएएनएस
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