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ओडिशा: बीजद के युवा और छात्र संगठनों ने पाठ्यपुस्तकों में त्रुटियों के विरोध में प्रदर्शन किया

 

भुवनेश्वर, 22 सितंबर (आईएएनएस)। बीजू जनता दल (बीजद) के युवा संगठन बीजू युवा जनता दल (बीजद) और छात्र संगठन बीजू छात्र जनता दल (बीसीजेडी) ने मंगलवार को भुवनेश्वर के लोअर पीएमजी में ओडिशा की पाठ्यपुस्तकों में पाई गई व्यापक त्रुटियों के मद्देनजर स्कूल और जन शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड के इस्तीफे की मांग करते हुए प्रदर्शन किया।

बीजद के प्रदेश अध्यक्ष चिन्मय साहू और बीसीजेडी की प्रदेश अध्यक्ष इप्सिता साहू ने प्रदर्शन का नेतृत्व किया। बारिश के बावजूद दोनों संगठनों के हजारों युवा और छात्र सदस्यों ने भाग लिया।

क्षेत्रीय पार्टी ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के तहत कक्षा 1 से कक्षा 8 तक त्रुटिपूर्ण पाठ्यपुस्तकें प्रकाशित करके भावी पीढ़ियों के लिए शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया है।

पार्टी ने कहा कि उसने एनईपी-2020 के तहत प्रकाशित पाठ्यपुस्तकों में 1,678 से अधिक त्रुटियां पाई हैं। इसमें दावा किया गया कि त्रुटियों से अवगत होने के बावजूद, राज्य सरकार ने छात्रों को पाठ्यपुस्तकें वितरित कीं।

बीजद नेताओं ने आरोप लगाया कि पुस्तकों में अनेक त्रुटियां हैं जिनसे बच्चों की शिक्षा को नुकसान पहुंच रहा है। पाठ्यपुस्तकों के प्रकाशन में 380 करोड़ रुपए का घोटाला हुआ है। विभागीय मंत्री नित्यानंद गोंड भी इस भ्रष्टाचार में संलिप्त हैं। उनके इस्तीफे की मांग के बावजूद मंत्री ने पद नहीं छोड़ा है, इसलिए आंदोलन तेज हो गया है।

बीजद ने कहा कि छात्रों की परीक्षाएं नजदीक आने के कारण ये त्रुटियां एक गंभीर चिंता का विषय हैं। उसने सवाल उठाया कि त्रुटिपूर्ण पाठ्यपुस्तकों से छात्र परीक्षा की तैयारी कैसे करेंगे। उसने कहा कि निचले स्तर के कर्मचारियों को गिरफ्तार किया जा रहा है, जबकि वरिष्ठ अधिकारियों को बरी किया जा रहा है।

विपक्षी दल ने दावा किया कि अभी तक छात्रों को त्रुटिरहित पाठ्यपुस्तकें नहीं मिली हैं। भाजपा सरकार अपनी इस विनाशकारी शिक्षा प्रणाली के माध्यम से राज्य के छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।

पार्टी के अनुसार, उसके युवा और छात्र संगठन इस मुद्दे को लेकर ओडिशा विधानसभा के सामने चौबीसों घंटे धरना दे रहे हैं। पाठ्यपुस्तकों के मुद्दे पर विपक्ष के हंगामे के बाद विधानसभा स्थगित होने पर बीजद विधायक भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हो गए। वे विधानसभा से धरना स्थल तक पैदल गए और बारिश में विरोध प्रदर्शन किया।

--आईएएनएस

एमएस/