उत्कल यूनिवर्सिटी में प्रश्नपत्र लीक के आरोप पर बीजेडी ने सरकार को घेरा
भुवनेश्वर, 18 सितंबर (आईएएनएस)। ओडिशा की विपक्षी पार्टी बीजू जनता दल (बीजद) ने शुक्रवार को उत्कल यूनिवर्सिटी की प्लस थ्री सेकेंड सेमेस्टर परीक्षा का प्रश्नपत्र कथित तौर पर लीक होने के मामले में राज्य सरकार की कड़ी आलोचना की। बीजेडी ने इसे डबल इंजन सरकार के कार्यकाल में छात्रों और ओडिशा के युवाओं के लिए एक और गंभीर झटका बताया।
बीजेडी ने आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार के केवल दो साल के कार्यकाल में राज्य के छात्रों और नौकरी की तैयारी करने वाले युवाओं को परीक्षा से जुड़ी 25 समस्याओं का सामना करना पड़ा है। इनमें परीक्षाओं का रद्द होना, स्थगित होना, प्रश्नपत्रों में गड़बड़ी और परीक्षा से जुड़ी अन्य अनियमितताएं शामिल हैं।
पार्टी ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, "उत्कल यूनिवर्सिटी की ताजा घटना ने एक बार फिर निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से परीक्षाएं कराने की सरकार की क्षमता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।"
बीजेडी ने कहा कि छात्र परीक्षाओं की तैयारी में कई महीने लगाते हैं, जबकि उनके परिवार उनकी पढ़ाई और करियर के लिए आर्थिक और व्यक्तिगत रूप से काफी त्याग करते हैं।
पार्टी के मुताबिक, हर बार परीक्षा रद्द या स्थगित होने, प्रश्नपत्र में गलती या कथित पेपर लीक की घटना से हजारों छात्रों के सामने अनिश्चितता पैदा होती है। इससे उनकी पढ़ाई की योजना प्रभावित होने के साथ उन पर अतिरिक्त आर्थिक और मानसिक दबाव भी पड़ता है।
बीजेडी ने कहा कि उत्कल यूनिवर्सिटी में सामने आई कथित घटना कोई अकेला मामला नहीं है। पार्टी ने दावा किया कि इस अवधि के दौरान परीक्षा से जुड़ी 25 नाकामियां और अनियमितताएं सामने आ चुकी हैं।
बीजेडी प्रवक्ता लेनिन मोहंती ने कहा कि प्रशासन और परीक्षा प्रबंधन की नाकामियों की कीमत छात्रों और युवाओं को बार-बार नहीं चुकानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार को परीक्षा व्यवस्था पर छात्रों का भरोसा दोबारा कायम करने के लिए तुरंत कदम उठाने चाहिए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता, जवाबदेही और सुरक्षा के साथ आयोजित हों।
मोहंती ने मांग की कि परीक्षा से जुड़ी हर गंभीर अनियमितता की तय समय-सीमा में पारदर्शी तरीके से जांच की जाए। जहां भी लापरवाही या प्रक्रिया में खामी सामने आए, वहां जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
उन्होंने प्रश्नपत्रों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, परीक्षा केंद्रों का सुरक्षित प्रबंधन सुनिश्चित करने और निगरानी व्यवस्था को और सख्त बनाने की मांग भी की।
बीजेडी प्रवक्ता ने विश्वविद्यालयों, भर्ती बोर्डों और अन्य परीक्षा आयोजित करने वाली संस्थाओं की मौजूदा परीक्षा प्रक्रियाओं की व्यापक समीक्षा करने की भी मांग की।
बीजेडी ने कहा कि ओडिशा के छात्रों और युवाओं के भविष्य को हल्के में नहीं लिया जा सकता। सरकार को केवल नारे लगाने के बजाय ठोस कदम उठाने चाहिए और पूरे राज्य में निष्पक्ष, सुरक्षित, पारदर्शी और जवाबदेह परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।
--आईएएनएस
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