ग्रेट इंडियन बस्टर्ड संरक्षण को लेकर कच्छ पहुंचे भूपेंद्र यादव, जमीनी कार्यों की समीक्षा की
कच्छ, 14 सितंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोमवार को गुजरात के कच्छ जिले के नलिया स्थित ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (जीआइबी) आवास क्षेत्र में गुजरात वन विभाग और भारतीय वन्यजीव संस्थान द्वारा किए जा रहे संरक्षण एवं आवास प्रबंधन कार्यों की समीक्षा की।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भूपेंद्र यादव ने कहा कि नलिया स्थित ग्रेट इंडियन बस्टर्ड आवास क्षेत्र के दौरे के दौरान उन्होंने जत सुमरा और दरबार समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ 'खातला सभा' में बातचीत की और पक्षी संरक्षण प्रयासों में उनके सहयोग का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीव प्रजातियों के संरक्षण के लिए समुदाय आधारित भागीदारी पर विशेष जोर दे रहा है। कच्छ के स्थानीय पशुपालक और कृषक समुदाय ग्रेट इंडियन बस्टर्ड के संरक्षण की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
दौरे के दौरान मंत्री ने ग्रेट इंडियन बस्टर्ड के लिए बनाए गए सॉफ्ट रिलीज सेंटर का उद्घाटन भी किया और अधिकारियों के साथ संरक्षण कार्यों की प्रगति पर चर्चा की।
अधिकारियों ने उन्हें ग्रेट इंडियन बस्टर्ड क्षेत्र में जमीनी स्तर पर हुए महत्वपूर्ण कार्यों की जानकारी दी। इनमें आक्रामक पौधे प्रोसोपिस जुलीफ्लोरा से प्रभावित लगभग 11 वर्ग किलोमीटर घास के मैदान का पुनर्स्थापन, 15 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को सुरक्षित करने के लिए 30 किलोमीटर लंबी शिकारी-रोधी बाड़ लगाना और संरक्षण प्रजनन कार्यक्रम के तहत एक विशेष पहल शामिल है। इस पहल के तहत जंगली मादा ग्रेट इंडियन बस्टर्ड द्वारा दिए गए निषेचित न होने वाले अंडों की जगह संरक्षण केंद्र में विकसित स्वस्थ अंडे रखे गए।
मंत्री को बताया गया कि इस प्रयास से जन्मा चूजा जंगल में शुरुआती तीन महीने की महत्वपूर्ण अवधि सफलतापूर्वक पार कर चुका है, जो गुजरात में इस दुर्लभ पक्षी के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
भूपेंद्र यादव ने वन और वन्यजीव संरक्षण गतिविधियों को मजबूत करने के लिए 33 नए गश्ती और बचाव वाहनों को भी रवाना किया। इन वाहनों का उपयोग कच्छ वन परिक्षेत्र के विभिन्न क्षेत्रों में वन सुरक्षा, वन विकास, वन्यजीव संरक्षण, क्षेत्रीय गश्त, निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया कार्यों के लिए किया जाएगा।
इसके बाद मंत्री ने सयारा स्थित हरियालु ग्राम वृक्षारोपण परियोजना का दौरा किया, जहां उन्हें सयारा वन कवच पहल और उससे जुड़े मधुमक्खी पालन केंद्र की जानकारी दी गई। उन्होंने वहां एक पौधा भी लगाया, सयारा वन कवच परियोजना का उद्घाटन किया और वृक्षारोपण गतिविधियों के लिए दीनदयाल पोर्ट प्राधिकरण के साथ किए गए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के आदान-प्रदान का भी साक्षी बने।
--आईएएनएस
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