भारती सिंह और हर्ष लिंबाचिया ने मनाई जन्माष्टमी, बोलीं- 'दो नन्हे बाल कृष्ण को देखकर दिल खुश हो जाता है'
मुंबई, 4 सितंबर (आईएएनएस)। कॉमेडियन और होस्ट भारती सिंह और उनके पति, लेखक-निर्माता और होस्ट हर्ष लिंबाचिया के लिए इस साल जन्माष्टमी का त्योहार पहले से कहीं ज्यादा खास है। इसकी वजह है उनके परिवार में शामिल उनके दो नन्हे बेटे। भारती और हर्ष अपने दोनों बेटों लक्ष्य यानी 'गोला' और यशवीर यानी 'काजू' के साथ इस बार जन्माष्टमी की खुशियां मना रहे हैं।
आईएएनएस से बातचीत में दोनों में कहा कि बच्चों के आने के बाद त्योहारों का मजा और भी बढ़ गया है। खासकर जन्माष्टमी के मौके पर अपने बच्चों को नन्हे कृष्ण के रूप में तैयार करना उनके लिए बेहद यादगार पल बन गया।
भारती ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, ''मेरे लिए जन्माष्टमी हमेशा से सबसे खुशियों वाले त्योहारों में से एक रही है, क्योंकि यह घर में बहुत सारा उत्साह, भक्ति और परिवार के साथ समय बिताने का मौका लेकर आती है। जब से गोला हुआ है, मैं इस दिन का इंतजार करती हूं कि उसे नन्हे कृष्ण के रूप में तैयार करूं। अब काजू के साथ मेरा दिल दोगुनी खुशी से भर गया है। अपने दोनों नन्हे कृष्णों को मुस्कुराते, खेलते और साथ में त्योहार मनाते देखना ऐसी याद है, जिसे मैं हमेशा संजोकर रखना चाहती हूं।'
भारती ने घर में होने वाले जन्माष्टमी के जश्न के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा, ''हम अपने घर पर ही छोटी सी दही हांडी का आयोजन करते है और इसमें घर के सभी लोग पूरे उत्साह के साथ शामिल होते हैं। बच्चों के लिए त्योहारों को सिर्फ देखना नहीं, बल्कि परिवार के साथ उन्हें महसूस करना भी जरूरी है। मैं चाहती हूं कि मेरे बच्चे बड़े होकर इन त्योहारों के पीछे की कहानियों और उनसे मिलने वाली सीख को भी समझें।''
भारती ने आगे बताया, ''इस साल मैं और हर्ष अपने शो 'इंडियन गेम शो विद भारती एंड हर्ष' में भी जन्माष्टमी से जुड़ा एक खास गेम लेकर आए है। हम कलाकारों और टीम के साथ मिलकर त्योहार की खुशियां मना रहे है। साथ में हंसना, खेलना और त्योहार का जश्न बनाना मेरे लिए बेहद खास अनुभव है। मैं उम्मीद करती हूं कि शो देखने वाले दर्शक भी उसी खुशी को महसूस करेंगे।''
वहीं हर्ष लिंबाचिया ने भी बच्चों को छोटी उम्र से ही भारतीय त्योहारों और परंपराओं से जोड़ने की बात कही। उन्होंने कहा, ''जन्माष्टमी उन त्योहारों में से है, जो घर में बहुत खुशी, ऊर्जा और गर्मजोशी लेकर आती है। मुझे लगता है कि यह जरूरी है कि बच्चे सिर्फ त्योहार मनाने तक सीमित न रहें, बल्कि यह भी जानें कि उस त्योहार का महत्व क्या है और उसके पीछे कौन सी परंपराएं और कहानियां जुड़ी हुई हैं।''
अपने घर की जन्माष्टमी की तैयारी के बारे में हर्ष ने बताया, ''मेरा परिवार अपने तरीके से इस त्योहार को खास बनाता है। घर में दही हांडी लाई जाती है और छोटी सी दही हांडी का आयोजन किया जाता है। हांडी फोड़ने से पहले गोला को नन्हे कृष्ण के रूप में तैयार किया जाता है। अब काजू के परिवार में आने के बाद यह पल और भी खास हो गया है, क्योंकि घर में दो नन्हे बाल कृष्ण हैं।''
--आईएएनएस
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