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बेंगलुरु खदान हादसा: मुख्यमंत्री ने मजदूरों की मौत पर शोक जताया, विधायक ने अवैध खनन का लगाया आरोप

 

बेंगलुरु, 2 जुलाई (आईएएनएस)। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने गुरुवार को बेंगलुरु दक्षिण तालुक के मडापट्टाना में एक स्टोन क्रशर यूनिट में पत्थर गिरने से बिहार और उत्तरी कर्नाटक के सात प्रवासी मजदूरों की मौत पर दुख जताया।

बेंगलुरु साउथ तालुक की एक पत्थर की खदान में सुबह-सुबह एक बड़ा पत्थर गिरने से बिहार के कम से कम सात प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई। कई अन्य लोग घायल हो गए जबकि बचाव दलों को आशंका है कि मलबे के नीचे और भी मजदूर फंसे हो सकते हैं। मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। यह घटना तवारेकेरे पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले मडापटना गांव की कावेरी क्रशर यूनिट में हुई।

इस दुखद घटना पर मुख्यमंत्री ने कहा, "बेंगलुरु साउथ तालुक के मडापटना में क्रशर यूनिट पर पत्थर गिरने से सात मज़दूरों की मौत हुई है, जिससे मुझे गहरा दुख हुआ है। मैं प्रार्थना करता हूं कि ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शाश्वत शांति प्रदान करें, उनके परिवारों को इस दुःख को सहने की शक्ति दें और घायलों को शीघ्र स्वस्थ करें। पत्थर की खदानों में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना खदान मालिकों का दायित्व है। सरकार सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाली खदानों के खिलाफ उचित कार्रवाई करेगी।"

वहीं, यशवंतपुर के विधायक एस.टी. सोमशेखर ने आरोप लगाया कि यह हादसा बड़े पैमाने पर हो रही अवैध पत्थर की खुदाई (क्वेरींग) का नतीजा था। उन्होंने मांग की कि इस मामले में माइंस एंड जियोलॉजी विभाग, वन विभाग, पुलिस और कर्नाटक राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया जाए।

मीडिया से बात करते हुए सोमशेखर ने कहा कि यह घटना सुबह-सुबह हुई। उन्होंने इस इलाके में अवैध पत्थर की खुदाई को लेकर बार-बार चिंता जताई थी।

उन्होंने कहा, "मैंने वन विभाग और माइंस एंड जियोलॉजी विभाग से सवाल किए थे। मैंने याचिका समिति के सामने भी यह मुद्दा उठाया था। मौके पर मौजूद 10 मज़दूरों में से सात की मौत मौके पर ही हो गई। मुझे यह भी जानकारी मिल रही है कि एक और घायल मज़दूर की मौत हो गई है।"

सोमशेखर ने आरोप लगाया कि माइंस एंड जियोलॉजी डिपार्टमेंट, फॉरेस्ट डिपार्टमेंट और पुलिस के अधिकारियों की मिलीभगत से गैर-कानूनी तरीके से खदान का काम चल रहा था।

उन्होंने कहा, "यह पूरी तरह से गैरकानूनी धंधा है। मैंने विधानसभा में कई बार ये मुद्दे उठाए हैं। मैंने एक रिसॉर्ट में खदान मालिकों की बैठक बुलाई थी और उन्हें निर्देश दिया था कि वे गैरकानूनी तरीके से खदान का काम न करें और सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करें।"

विधायक ने आरोप लगाया, "मैंने उन्हें साफ़ तौर पर निर्देश दिया था कि वे सिर्फ अधिकृत ब्लास्टिंग ऑपरेशन ही करें और गैर-कानूनी ब्लास्टिंग न करें। इन धमाकों से वन्यजीवों और स्थानीय निवासियों पर असर पड़ रहा है। मैंने माइंस एंड जियोलॉजी डिपार्टमेंट और फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के अधिकारियों के साथ बैठकें भी की थीं। इस मुद्दे पर याचिका समिति के सामने तीन बार चर्चा हुई, लेकिन आखिरकार इसे दबा दिया गया।"

उसी इलाके में पहले हुई तेंदुए की मौत के मामले का ज़िक्र करते हुए सोमशेखर ने दावा किया कि जांच के आदेश के बावजूद मामले को दबा दिया गया। उन्होंने कहा, "मैं इस घटना की गंभीरता को मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के ध्यान में लाऊंगा। यह कोई मजाक नहीं है बल्कि यह आठ से दस लोगों की ज़िंदगी का मामला है। माइंस एंड जियोलॉजी डिपार्टमेंट, फॉरेस्ट डिपार्टमेंट, पुलिस और पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के अधिकारियों को एफआईआर में आरोपी बनाया जाना चाहिए।

विधायक ने कहा, "अधिकारियों को आरोपी नंबर 1, आरोपी नंबर 2 वगैरह के तौर पर नामजद किया जाना चाहिए। तभी ऐसी मौतें रुकेंगी। वे प्रभावशाली लोग हैं और मामले को दबाने की कोशिश करेंगे।"

सोमशेखर ने आगे दावा किया कि जिस खदान में हादसा हुआ, वह कर्नाटक स्टोन क्वारी ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष के परिवार की है।

उन्होंने कहा, "खदान उस परिवार की है, उनके पास बहुत पैसा है और वे स्थिति को संभालने की कोशिश करेंगे। खदान किसकी है या पत्थर किसका था, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। अगर गैरकानूनी गतिविधियां हुई हैं, तो आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए। मारे गए लोगों के परिवारों को न्याय मिलना चाहिए।"

उन्होंने कहा कि अभी तक सभी मृतकों की पहचान नहीं हो पाई है और वे सख्त कार्रवाई की मांग करने के लिए मुख्यमंत्री से मिलेंगे।

उन्होंने कहा, "मुआवज़े से ज़्यादा ज़रूरी है कि गैर-कानूनी और लापरवाही से हो रही पत्थर की खुदाई (क्वेरींग) के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाए। खदान मालिकों को गिरफ़्तार किया जाना चाहिए और उनसे ही मुआवज़े की रकम वसूल की जानी चाहिए।"

इस घटना पर राज्य के उप-मुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने कहा कि वे इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट मांगेंगे। उन्होंने कहा, "मैं पूरी जानकारी हासिल करूंगा। अगर कोई बात मेरे विभाग के अधिकार क्षेत्र में आती है, तो उचित कार्रवाई की जाएगी। खदानों के लाइसेंस डिप्टी कमिश्नर और माइंस एंड जियोलॉजी विभाग जारी करते हैं। राज्य में कई गैरकानूनी खदानें चल रही हैं। हम तथ्यों की जांच करेंगे और जहां भी नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां गैरकानूनी खदानों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।"

--आईएएनएस

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