कर्नाटक में बस किराए में बढ़ोतरी वापस नहीं ली गई तो भाजपा सड़कों पर उतरेगी : आर. अशोक
बेंगलुरु, 2 नवंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने सोमवार को बस किराए में प्रस्तावित बढ़ोतरी को लेकर कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के दो सिद्धांत 'लोगों को धोखा देना और बिना सोचे-समझे कीमतें बढ़ाना' है।
5 नवंबर से प्रस्तावित बस किराए में बढ़ोतरी पर प्रतिक्रिया देते हुए अशोक ने सवाल किया कि क्या दूध, दही और दूसरी जरूरी सेवाओं की कीमतों में बार-बार बढ़ोतरी कांग्रेस सरकार के लोगों के हक में काम करने वाले प्रशासन को दिखाती है।
उन्होंने पूछा, "पहले दूध की कीमतों में बढ़ोतरी हुई, फिर दही की कीमतों में और अब 5 नवंबर से बस किराए में भी बढ़ोतरी होने वाली है। क्या यही कांग्रेस सरकार का लोगों के हक में काम करने वाला शासन है?"
शक्ति स्कीम पर निशाना साधते हुए अशोक ने आरोप लगाया कि सरकार ने एक हाथ से मुफ्त यात्रा का वादा किया था, लेकिन वह दूसरे हाथ से पुरुषों सहित पूरे परिवार की जेब पर बोझ डालने की तैयारी कर रही है।
मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर बी.एस. सुरेश पर निशाना साधते हुए अशोक ने पूछा कि क्या कर्नाटक के लोगों से कांग्रेस सरकार की गारंटी की कीमत चुकाने की उम्मीद की जा रही है?
उन्होंने दूध की कीमतों में बढ़ोतरी, बस किराए में प्रस्तावित बढ़ोतरी, बिजली के चार्ज, पीने के पानी के चार्ज, प्रॉपर्टी टैक्स और जरूरी चीजों की कीमतों के अलावा जनता पर बढ़ते टैक्स के बोझ का जिक्र किया। अशोक ने पूछा, "क्या आम लोगों की जिंदगी को महंगा बनाना और कुछ भी अछूता न छोड़ना आपकी कामयाबी है?"
विपक्ष के नेता ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार वित्तीय कुप्रबंधन का बोझ लोगों पर डाल रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने खुद कहा है कि चार सरकारी ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन को 9,000 करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा, "वित्तीय प्रबंधन में अपनी नाकामी छिपाने और लोगों पर बोझ डालने के बजाय, सरकार को डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का जिक्र करने से पहले अपनी प्रशासनिक असफलता के लिए जवाब देना चाहिए।"
अशोक ने आगे आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने अपनी गारंटी स्कीमों के तहत वादे करके राज्य की अर्थव्यवस्था को दिवालिया होने की कगार पर धकेल दिया है, जबकि उनके पास उन्हें बनाए रखने के लिए जरूरी वित्तीय स्रोत नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया, "कांग्रेस सरकार अब गारंटी के नाम पर लोगों की जेब से पैसे वसूल रही है।"
उन्होंने कहा कि लोगों को 'महंगाई बढ़ने की गारंटी' नहीं, बल्कि शांतिपूर्ण और सस्ती जिंदगी की गारंटी चाहिए। अशोक ने आरोप लगाया, "कांग्रेस सरकार लोगों की जेबें भरना नहीं चाहती। उन्हें खाली करना ही उसकी गारंटी बन गई है।"
प्रस्तावित 'जनविरोधी' बस किराए में बढ़ोतरी को तुरंत वापस लेने की मांग करते हुए, अशोक ने चेतावनी दी कि अगर यह प्रस्ताव वापस नहीं लिया गया तो भाजपा सड़कों पर उतरेगी और लोगों के समर्थन में विरोध प्रदर्शन करेगी।
--आईएएनएस
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