बेंगलुरु: साहूकार की प्रताड़ना से परेशान ऑटो चालक ने की खुदकुशी, वीडियो बनाकर लगाए गंभीर आरोप
बेंगलुरु, 11 जुलाई (आईएएनएस)। बेंगलुरु के थानिसंद्रा इलाके में शनिवार को 36 वर्षीय एक ऑटो चालक ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि वह कर्ज को चुकाने के लिए साहूकार द्वारा लिए जा रहे अधिक ब्याज से परेशान था। आत्महत्या से पहले उसने एक वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें उसने अपने साथ हो रही प्रताड़ना का जिक्र किया।
मृतक की पहचान यूसुफ के रूप में हुई है। परिवार की शिकायत के अनुसार, यूसुफ ने उमेश नाम के एक साहूकार से 1.75 लाख रुपए उधार लिए थे। परिवार का आरोप है कि उमेश 30 प्रतिशत मासिक ब्याज वसूल रहा था और कर्ज की रकम व ब्याज चुकाने के लिए यूसुफ पर लगातार दबाव बना रहा था।
पुलिस के मुताबिक, आरोप है कि उमेश ने यूसुफ को धमकाया और उसके परिवार की महिलाओं के बारे में अपमानजनक बातें कहीं। परिवार का आरोप है कि लगातार हो रही प्रताड़ना, बेइज्जती और धमकियों को बर्दाश्त न कर पाने की वजह से यूसुफ ने यह कठोर कदम उठाया।
पुलिस के अनुसार, यूसुफ ने अपने ऑटो-रिक्शा में बैठकर जहर खा लिया। इससे पहले उसने एक वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें उसने अपनी परेशानी के बारे में बताया। वीडियो में वह जहर की बोतल खोलते और उसे पीते हुए दिखाई दे रहा है। जहर पीने के बाद उसकी हालत बिगड़ती हुई नजर आई।
वीडियो में यूसुफ ने कथित तौर पर बताया कि उमेश ने उसे 20 प्रतिशत और 30 प्रतिशत ब्याज दर पर दो कर्ज दिए थे। उसने आरोप लगाया कि कारोबार खराब होने और इतनी अधिक ब्याज दर चुकाने में असमर्थता बताने के बावजूद उमेश लगातार पैसे की मांग करता रहा और उसे कोई राहत नहीं दी।
परिवार की शिकायत के आधार पर बेंगलुरु पुलिस ने उमेश के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस जांच के तहत शिकायत में लगाए गए आरोपों और वीडियो में बताई गई बातों की पुष्टि कर रही है। मामले में आगे की पूछताछ जारी है।
शुक्रवार को कर्नाटक के गदग शहर के करेम्मा कल्लू लेआउट में एक व्यक्ति ने आत्महत्या कर ली थी। बताया जा रहा है कि वह साहूकारों द्वारा कर्ज को लेकर की जा रही कथित प्रताड़ना और धमकियों से परेशान था। मृतक की पहचान संपथ डंडागी के रूप में हुई।
संपथ डंडागी एक किताबों की दुकान चलाते थे और रियल एस्टेट के कारोबार से भी जुड़े थे। पुलिस के अनुसार, आत्महत्या से पहले संपथ ने एक वीडियो रिकॉर्ड किया और एक सुसाइड नोट भी छोड़ा। इसमें उन्होंने साहूकारों पर उन्हें इस कदम के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया।
शुरुआती जानकारी के अनुसार, संपथ ने 15 लाख का कर्ज लिया था और वह हर महीने करीब 56,000 रुपए ब्याज के रूप में चुका रहा था। हालांकि एक महीने का ब्याज नहीं चुका पाने की वजह से उसे बार-बार फोन कर धमकाना और परेशान करना शुरू कर दिया।
--आईएएनएस
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