बंगाल एसआईआर : चुनाव आयोग ने बंगाल सरकार को 7 एईआरओ सस्पेंड करने का दिया निर्देश
कोलकाता, 16 फरवरी (आईएएनएस)। भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) ने पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया के बीच ड्यूटी में लापरवाही को लेकर बड़ी कार्रवाई की है। आयोग ने पश्चिम बंगाल सरकार को 7 एईआरओ (सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी) को सस्पेंड करने के निर्देश दिए हैं।
चुनाव आयोग ने जिन अधिकारियों को सस्पेंड करने का निर्देश दिया है, उनमें मुर्शिदाबाद जिले के समसेरगंज विधानसभा क्षेत्र से रहमान, मुर्शिदाबाद के फरक्का से नीतीश दास, जलपाईगुड़ी के मयनागुड़ी से दलिया रे चौधरी, मुर्शिदाबाद के सुती से मुर्शिद आलम, दक्षिण 24 परगना के कैनिंग (पूर्व) से सत्यजीत दास और जॉयदीप कुंडू व पश्चिमी मिदनापुर के डेबरा से देवाशीष बिस्वास शामिल हैं।
इससे पहले, 14 फरवरी को आयोग ने पश्चिम बंगाल की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती के कार्यालय को दो ईआरओ और दो एईआरओ के खिलाफ 17 फरवरी तक एफआईआर दर्ज करने का भी निर्देश दिया। यह निर्देश आयोग ने पिछले साल अगस्त में भी दिया था।
आयोग ने शनिवार शाम को राज्य सचिवालय को एक नया संदेश भेजा, जिसमें इन गलत चुनाव अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की डेडलाइन 17 फरवरी (मंगलवार) तय की गई।
पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के एक अंदरूनी सूत्र ने कहा, "आयोग ने पाया कि इन चार गलत चुनाव अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए बार-बार निर्देश के बावजूद, राज्य सरकार ने कार्रवाई शुरू करने में लापरवाही बरती। इसलिए, आयोग ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए एक डेडलाइन तय करने का फैसला किया।"
जिन चार अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया गया है, उनमें से दो दक्षिण 24 परगना जिले के बरुईपुर पूर्व विधानसभा क्षेत्र के इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ईआरओ) देबोत्तम दत्ता चौधरी और उसी क्षेत्र के एईआरओ तथागत मंडल हैं।
अन्य दो अधिकारी पूर्वी मिदनापुर जिले के मोयना विधानसभा क्षेत्र के ईआरओ बिप्लब सरकार और उसी क्षेत्र के एईआरओ सुदीप्ता दास थे।
अधिकारियों पर वोटर लिस्ट में छेड़छाड़ करने का आरोप है। इन आरोपों के आधार पर आयोग ने अधिकारियों को सस्पेंड करने और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया।
--आईएएनएस
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