बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर आज पहुंचेंगे भारत, प्रधानमंत्री मोदी से करेंगे मुलाकात
नई दिल्ली, 2 सितंबर (आईएएनएस)। बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर बुधवार को अपने तीन दिवसीय भारत दौरे पर आएंगे। इस दौरान वह नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे। पिछले साल फरवरी में पद संभालने के बाद पीएम वेवर की यह भारत की पहली यात्रा होगी। बेल्जियम के रक्षा मंत्री थियो फ्रैंकेन भी उनके साथ आए प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा होंगे।
यह यात्रा भारत और बेल्जियम के बीच व्यापार, रक्षा सहयोग, नवीकरणीय ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) के व्यापक सहयोग को और मजबूत करने पर केंद्रित होगी।
गुरुवार को बार्ट डी वेवर और प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात होगी। इस दौरान दोनों नेता द्विपक्षीय संबंधों के सभी प्रमुख पहलुओं के साथ-साथ आपसी हितों से जुड़े क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे।
विदेश मंत्रालय (एमईए) के अनुसार, प्रधानमंत्री डी वेवर भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के एक कारोबारी कार्यक्रम में भी मुख्य भाषण देंगे। यह कार्यक्रम भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के संदर्भ में आयोजित किया जाएगा।
नई दिल्ली में अपने कार्यक्रम पूरे करने के बाद बार्ट डी वेवर मुंबई जाएंगे। वहां वह विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे, जिनमें हीरा उद्योग, बंदरगाह और लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों से जुड़े लोग भी शामिल होंगे।
एमईए ने कहा कि यह यात्रा भारत-बेल्जियम साझेदारी को और मजबूत करने तथा व्यापार और निवेश, रक्षा और सुरक्षा, तकनीक, नवीकरणीय ऊर्जा, संपर्क व्यवस्था और लोगों के बीच संबंधों जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का अवसर प्रदान करेगी। साथ ही इससे भारत-यूरोपीय संघ और भारत-यूरोप संबंधों को भी नई मजबूती मिलेगी।
पिछले महीने विदेश मंत्री एस जयशंकर और बेल्जियम के विदेश मंत्री मैक्सिम प्रेवोट ने ब्रुसेल्स में मुलाकात की थी। दोनों नेताओं ने राजनीति, अर्थव्यवस्था, निवेश, स्वच्छ ऊर्जा, रक्षा, मोबिलिटी और दवा उद्योग सहित कई क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की थी। यह चर्चा 15 जुलाई को ब्रुसेल्स में आयोजित पहली भारत-बेल्जियम रणनीतिक वार्ता के दौरान हुई थी।
बैठक के बाद जयशंकर ने 'एक्स' पर लिखा, "ब्रुसेल्स में उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री मैक्सिम प्रेवोट के साथ पहली भारत-बेल्जियम रणनीतिक वार्ता की सह-अध्यक्षता की। हाल के वर्षों में हमारी साझेदारी काफी मजबूत हुई है। आज की चर्चा ने बेल्जियम और यूरोपीय संघ के साथ भारत के रिश्तों की महत्वाकांक्षा को दर्शाया।"
उन्होंने कहा, "हमने राजनीतिक, आर्थिक, निवेश, स्वच्छ ऊर्जा, रक्षा, मोबिलिटी और दवा क्षेत्र में सहयोग की समीक्षा की। साथ ही बंदरगाह, समुद्री क्षेत्र, सेमीकंडक्टर और सप्लाई चेन को अधिक सुरक्षित बनाने के अवसरों पर भी चर्चा की। पश्चिम एशिया सहित वैश्विक घटनाक्रमों पर भी उपयोगी विचार-विमर्श हुआ।"
--आईएएनएस
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