बेल्जियम के प्रधानमंत्री का इस्तीफा राजा फिलिप ने ठुकराया, बजट वार्ता फिर शुरू करने को कहा
ब्रुसेल्स, 6 नवंबर (आईएएनएस)। बेल्जियम के राजा फिलिप ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर का इस्तीफा स्वीकार करने से इनकार कर दिया और उन्हें तुरंत बजट पर बातचीत फिर से शुरू करने के लिए कहा। ऐसा तब हुआ है जब देश की सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार सार्वजनिक वित्त (पब्लिक फाइनेंस) पर सहमति बनाने के लिए संघर्ष कर रही है।
सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, राजा ने सरकार में शामिल पांचों गठबंधन दलों के नेताओं से बातचीत की। सभी नेताओं ने अगले तीन वर्षों के लिए एक मजबूत बजट योजना पर सहमति बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
बयान में कहा गया कि पांचों दलों के नेताओं ने समझौते तक पहुंचने के लिए जरूरी रियायतें देने पर भी सहमति जताई।
राजा फिलिप ने इस बात पर जोर दिया कि सामाजिक एकता बनाए रखने और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के बीच संतुलन बनाना जरूरी है। सभी नेताओं ने वादा किया कि वे समझौते और जिम्मेदारी की भावना को प्राथमिकता देंगे।
इन आश्वासनों के आधार पर राजा ने बार्ट डी वेवर का इस्तीफा खारिज कर दिया और बजट वार्ता तुरंत फिर से शुरू करने का निर्देश दिया। प्रधानमंत्री डी वेवर 16 नवंबर को राजा को प्रगति रिपोर्ट सौंपेंगे।
डी वेवर ने सोमवार को अपना इस्तीफा दे दिया था, क्योंकि पांच दलों वाला गठबंधन बजट पर सहमति बनाने में विफल रहा था। उस समय राजा ने कोई तत्काल फैसला नहीं लिया था और बाद में गठबंधन दलों के नेताओं से अलग-अलग बातचीत की।
गठबंधन सरकार सार्वजनिक वित्त को मजबूत करने के लिए 10 अरब यूरो (करीब 11.17 अरब अमेरिकी डॉलर) के खर्च में कटौती और कर बढ़ाने की योजना पर सहमति बनाने की कोशिश कर रही है। हालांकि, इस बात पर मतभेद बने हुए हैं कि कटौती और कर बढ़ाने के बीच संतुलन कैसे रखा जाए।
डी वेवर की फ्लेमिश राष्ट्रवादी पार्टी एन-वीए और उदारवादी पार्टी एमआर सरकारी खर्च, खासकर स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च, को ज्यादा नियंत्रित करने के पक्ष में हैं। वहीं, उनके समाजवादी और मध्यमार्गी सहयोगी चाहते हैं कि बजट सुधार का बड़ा हिस्सा अमीर लोगों पर अधिक कर लगाकर पूरा किया जाए।
यूरोस्टेट के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में बेल्जियम का बजट घाटा उसके सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 5.2 प्रतिशत था, जबकि साल के अंत तक सरकारी कर्ज जीडीपी के 108.1 प्रतिशत तक पहुंच गया था।
ये दोनों आंकड़े यूरोपीय संघ (ईयू) की ओर से तय संदर्भ सीमाओं से काफी अधिक हैं। ईयू के नियमों के अनुसार, बजट घाटा जीडीपी के तीन प्रतिशत और सरकारी कर्ज जीडीपी के 60 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए। इसी वजह से बेल्जियम सरकार पर जल्द से जल्द बजट सुधार योजना पर सहमति बनाने और देश की वित्तीय स्थिति को बेहतर करने का दबाव बढ़ रहा है।
--आईएएनएस
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