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बांग्लादेश: चटगांव बार एसोसिएशन चुनाव का नामांकन पत्र लेने गए अवामी लीग समर्थक वकीलों से धक्का-मुक्की

 

ढाका, 5 मई (आईएएनएस)। बांग्लादेश में अवामी लीग समर्थक वकीलों के खिलाफ कार्रवाई चरम पर है। इस बीच कई ने बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी समर्थक वकीलों पर भी चटगांव डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन (सीडीबीए) चुनाव की नॉमिनेशन प्रक्रिया के दौरान धक्का-मुक्की का आरोप लगाया है।

घटना सोमवार (4 मई) दोपहर की बताई जा रही है। मामला एसोसिएशन की बार लाइब्रेरी के प्रवेश द्वार का है। अवामी लीग से अध्यक्ष पद उम्मीदवार अब्दुर रशीद के नेतृत्व में वकीलों का एक ग्रुप "साधारण ऐनजीबी परिषद" के बैनर तले नामांकन पत्र लेने गया था।

बांग्लादेश के जाने-माने अखबार, द डेली स्टार ने चश्मदीदों के हवाले से बताया कि इस दौरान ग्रुप को बीएनपी समर्थक वकीलों ने रोक दिया।

बढ़ते तनाव के बीच, बार इलेक्शन कमीशन के सदस्यों ने कथित तौर पर लाइब्रेरी के दरवाजे बंद कर दिए, जिससे अवामी लीग समर्थक वकीलों ने मौके पर ही विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

डेली स्टार ने अवामी लीग समर्थक पैनल से महासचिव पद के दावेदार फखरुद्दीन जाबेद के हवाले से कहा, "हमें नॉमिनेशन पेपर लेने की कोशिश करते समय बार लाइब्रेरी में घुसने नहीं दिया गया। उन्होंने हमें पिछले चुनाव में भी चुनाव लड़ने नहीं दिया था।"

यह बताते हुए कि अवामी लीग की गतिविधियों पर बैन है, जातीयतावादी ऐनजीबी फोरम की चटगांव यूनिट के कमरुल इस्लाम चौधरी ने कहा, "इस स्थिति में, अवामी लीग से जुड़े वकीलों के लिए चुनाव में हिस्सा लेने का न तो माहौल है और न ही मौका।"

सीडीबीए एग्जीक्यूटिव कमेटी के चुनाव 21 मई को बार एसोसिएशन ऑडिटोरियम में होने हैं।

इससे पहले, अवामी लीग समर्थक वकील 29 और 30 अप्रैल को हुए ढाका बार एसोसिएशन के 2026-2027 का चुनाव नहीं लड़ पाए थे।

रिपोर्ट्स बताती हैं कि 3 अप्रैल और 26 फरवरी को हुए बारिशाल और मानिकगंज बार एसोसिएशन के चुनावों में भी ऐसी ही स्थिति देखी गई थी, जहां अवामी लीग समर्थक वकीलों को चुनाव में हिस्सा लेने की इजाजत नहीं थी।

कुमिला में अवामी लीग के समर्थक वकील गोलाम फारुक के मुताबिक, हालांकि अवामी लीग से जुड़े वकीलों ने 2 अप्रैल को हुए कुमिला बार एसोसिएशन के चुनाव में हिस्सा लिया था, लेकिन वे कैंपेन नहीं कर पाए और उन्हें कई जगहों से धमकियां मिलीं।

इस बीच, बांग्लादेश सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) ने 13-14 मई के चुनावों के लिए 90 उम्मीदवारों में से 42 वकीलों के नॉमिनेशन पेपर अवामी लीग से कथित लिंक का हवाला देते हुए खारिज कर दिए, जिससे इंटरनेशनल लेवल पर गुस्सा भड़क गया और ग्लोबल कम्युनिटी ने इसकी आलोचना की।

हाल ही में कानूनी प्रोफेशनल्स के खिलाफ कथित भेदभाव के पैटर्न और देश के कई जिलों में बार एसोसिएशन चुनावों में सिर्फ राजनीतिक विचारधारा के आधार पर अवामी लीग समर्थक वकीलों की उम्मीदवारी रद्द करने से चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर और गंभीर चिंताएं पैदा हुई हैं।

--आईएएनएस

केआर/