बांग्लादेश: अवामी लीग के एक और नेता गिरफ्तार, दहशत फैलाने का आरोप
ढाका, 23 सितंबर (आईएएनएस)। बांग्लादेश की एक अदालत ने अवामी लीग के पूर्व सांसद महफूज़ुर रहमान मीता को गिरफ्तार कर छह दिन की रिमांड पर भेज दिया है। उनके खिलाफ ढाका के तेजगांव इंडस्ट्रियल एरिया पुलिस स्टेशन में आतंकवाद-रोधी मामला दर्ज था।
अभियोजन पक्ष के सब-इंस्पेक्टर आरिफ रजा के अनुसार, ढाका की अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट जोशिता इस्लाम से जांच अधिकारी ने मीता और उनके ड्राइवर सेलिम के लिए 10 दिन की रिमांड मांगी थी।
गुलशन डिवीजन के डिटेक्टिव ब्रांच (डीबी) के डिप्टी कमिश्नर एएफएम अनवर हुसैन खान ने बताया कि मीता मंगलवार को ढाका के गुलशन-2 इलाके स्थित घर से गिरफ्तार हुए।
उसी समय उनके ड्राइवर सेलिम को भी हिरासत में ले लिया गया।
बांग्लादेशी दैनिक 'ढाका ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के अनुसार, तेजगांव जोनल टीम के जांच अधिकारी इंस्पेक्टर मोहम्मद मसूदुर रहमान ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया और प्रत्येक के लिए 10 दिन की रिमांड का अनुरोध किया।
यह मामला 18 जून को ढाका में मोहाखाली बस टर्मिनल के पास हुए एक जुलूस से जुड़ा है। एफआईआर के अनुसार, अवामी लीग और उसके छात्र संगठन 'छात्र लीग' के लगभग 35-40 नेता और कार्यकर्ता जमा हुए थे।
एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि जुलूस में शामिल लोगों ने सरकार विरोधी नारे लगाए और कॉकटेल बम फोड़े, जिससे आम लोगों में दहशत फैल गई। बाद में पुलिस ने आतंकवाद-रोधी कानून के तहत मामला दर्ज किया।
यह ताजा गिरफ्तारी अवामी लीग के नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ बढ़ती कार्रवाई के बीच हुई है; यह कार्रवाई पिछली मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के दौरान शुरू हुई थी और मौजूदा बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) प्रशासन के तहत भी जारी है।
स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले महीने बांग्लादेश पुलिस ने अवामी लीग पार्टी और उससे जुड़े संगठनों के 53 नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था।
ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस (डीएमपी) की एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इन लोगों को ढाका के बसुंधरा आवासीय इलाके की एक इमारत से पकड़ा गया था।
राजधानी के भातारा पुलिस स्टेशन का हवाला देते हुए, डीएमपी ने कहा कि अवामी लीग के नेता और कार्यकर्ता 15 अगस्त के शोक दिवस के सिलसिले में एक बैठक और एक फ्लैश मार्च आयोजित करने के लिए एकत्र हुए थे।
बांग्लादेश के प्रमुख बंगाली दैनिक 'प्रोथोम आलो' की रिपोर्ट के अनुसार, इसके बाद भातारा पुलिस स्टेशन की पुलिस ने एक अभियान चलाया और 53 लोगों को हिरासत में ले लिया।
बांग्लादेश की अवामी लीग ने इस कदम की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इससे पता चलता है कि देश में अब लोकतांत्रिक अधिकारों या धार्मिक या राष्ट्रीय अवसरों को मनाने की स्वतंत्रता के लिए बहुत कम जगह बची है।
--आईएएनएस
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