बांग्लादेश में अल-कायदा और आईएस नेताओं की किताबें खुलेआम बिक रहीं: रिपोर्ट
ढाका, 21 सितंबर (आईएएनएस)। बांग्लादेश में अल-कायदा और इस्लामिक स्टेट (आईएस) जैसे आतंकी संगठनों के नेताओं द्वारा लिखी गई किताबें खुलेआम बेची जा रही हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, इन किताबों में निर्दोष लोगों की हत्या और सरकारों को अस्थिर करने जैसी हिंसक विचारधाराओं का प्रचार किया गया है।
बांग्लादेशी समाचार वेबसाइट 'ढाका स्ट्रीम' की रिपोर्ट के अनुसार, ये किताबें दुकानों, ऑनलाइन बुक स्टोर्स और सरकारी संस्था इस्लामिक फाउंडेशन द्वारा आयोजित पुस्तक मेले में भी उपलब्ध हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, 12 सितंबर से शुरू हुए इस्लामिक फाउंडेशन के एक महीने लंबे पुस्तक मेले में अल-कायदा के विचारक अब्दुल्ला यूसुफ अज़्ज़ाम और ओसामा बिन लादेन सहित अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट, अंसार अल-इस्लाम और तथाकथित इस्लामिक स्टेट से जुड़े नेताओं की किताबें बिकती मिलीं।
बताया गया है कि कम से कम 10 प्रकाशक ढाका की बैतुल मुक़र्रम राष्ट्रीय मस्जिद परिसर में लगे मेले में इन किताबों की बिक्री कर रहे हैं। इसके अलावा ये किताबें बंग्लाबाजार की स्टेशनेरी दुकानों और कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कुछ ऑनलाइन विक्रेता सोशल मीडिया पर इन किताबों का प्रचार भी कर रहे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, इन किताबों में सरकारी संस्थानों, पुलिस थानों, राजमार्गों और तेल पाइपलाइनों पर हमले कर सरकारी सेवाओं को बाधित करने और लोगों में असंतोष फैलाने जैसी बातों का समर्थन किया गया है। कुछ पुस्तकों में निर्दोष नागरिकों की हत्या को भी कथित तौर पर उचित ठहराया गया है और अधिकतम नुकसान पहुंचाकर सरकारों को अस्थिर करने की बात कही गई है।
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए बांग्लादेश जातीयतावादी उलेमा दल के पूर्व सदस्य सचिव और वर्तमान कार्यकारी समिति सदस्य नजरुल इस्लाम तालुकदार ने कहा कि यदि ऐसी किताबें बेची जा रही हैं तो यह अस्वीकार्य है। उनके अनुसार, इस तरह का साहित्य समाज, राज्य और देश पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है और इसका किसी भी रूप में समर्थन नहीं किया जा सकता।
--आईएएनएस
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