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बलूच ग्रुप ने पाकिस्तानी सेना पर हमलों की जिम्मेदारी ली, कई इलाकों में गोलीबारी का दावा

 

क्वेटा, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में सुरक्षा बलों और ठिकानों पर हुए कई हमलों की जिम्मेदारी अलगाववादी संगठनों बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट और बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स (बलूच ग्रुप) ने ली है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ये हमले आवारान, झाओ, बसीमा और सिबी क्षेत्रों में किए गए।

बीएलएफ के प्रवक्ता मेजर ग्वाहराम बलोच ने बताया कि 22 अप्रैल को आवारान के कोलवाह इलाके में एक सैन्य काफिले पर हमला किया गया। उन्होंने दावा किया कि लड़ाकों ने गेश्कौर क्षेत्र में काफिले को घेरकर रॉकेट लॉन्चर, एलएमजी और स्नाइपर राइफलों से “भारी हमला” किया, जिसमें छह सुरक्षाकर्मी मारे गए और कई घायल हुए, जबकि सैन्य वाहनों को भी भारी नुकसान पहुंचा।

उन्होंने यह भी कहा कि उसी दिन बसीमा पुलिस स्टेशन के बाहर फ्रंटियर कॉर्प्स की चेकिंग पोस्ट पर हैंड ग्रेनेड से हमला किया गया, जो एक वाहन के अंदर गिरा और इससे हताहत हुए तथा भारी नुकसान हुआ।

बीएलएफ ने 19 अप्रैल को झाओ के गजरो सिंगीन इलाके में एक सैन्य चौकी पर हमले का भी दावा किया, जिसमें कई सुरक्षाकर्मी मारे गए और घायल हुए।

वहीं, बीआरजी के प्रवक्ता दोस्तैन बलोच ने एक अलग बयान में कहा कि सिबी के लामजी इलाके में पुलिस पोस्ट पर कब्जा कर हथियार, वाहन और अन्य उपकरण जब्त किए गए। उन्होंने बताया कि पकड़े गए कर्मियों को चेतावनी देकर बाद में छोड़ दिया गया।

उन्होंने यह भी दावा किया कि क्वेटा-कराची राजमार्ग पर नाकाबंदी कर वाहनों की तलाशी ली गई। इस दौरान जब पाकिस्तानी बल मौके पर पहुंचे तो दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक मुठभेड़ हुई, जिसमें दोनों तरफ हताहत हुए।

पिछले सप्ताह भी बीएलएफ ने झाओ इलाके में एक सैन्य शिविर पर हमले और खरान क्षेत्र में एक प्रमुख राजमार्ग को अवरुद्ध करने की जिम्मेदारी ली थी।

बीएलएफ के अनुसार 12 अप्रैल को कोहाडू इलाके में सैन्य कैंप पर पहले स्नाइपर हमला किया गया, जिसके बाद रॉकेट लॉन्चर और ऑटोमैटिक हथियारों से समन्वित हमला किया गया, जिससे कैंप को भारी नुकसान हुआ और कई सुरक्षाकर्मी मारे गए या घायल हुए।

14 अप्रैल को समूह ने खरान के सरावान क्षेत्र में नौरोज़ाबाद रोड को कई घंटों तक बंद रखने और वाहनों की तलाशी लेने का भी दावा किया।

बीएलएफ ने ट्रांसपोर्टरों को चेतावनी देते हुए कहा है कि जो भी पाकिस्तानी बलों को लॉजिस्टिक या अन्य सहायता देगा, उसे सीधे निशाना बनाया जाएगा।

--आईएएनएस

डीएससी