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अमेरिका के सिएटल में बलूच समूह का प्रदर्शन, पाकिस्तान में बढ़ते मानवाधिकार उल्लंघनों पर जताई चिंता

 

वाशिंगटन, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। बलूच नेशनल मूवमेंट (बीएनएम) ने अमेरिका के सिएटल में विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान संगठन ने बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की ओर से गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों को लेकर लोगों को जागरूक किया। प्रदर्शनकारियों ने बलूच नागरिकों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई और प्रांत के विभिन्न हिस्सों में बमबारी का मुद्दा उठाया।

बीएनएम के अनुसार, प्रदर्शन को संबोधित करने वाले वक्ताओं ने अमेरिकी नागरिकों से बलूचिस्तान में जारी मानवाधिकार उल्लंघनों के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की।

वक्ताओं ने दावा किया कि अमेरिकी करदाताओं के पैसे से पाकिस्तान को दी जाने वाली सहायता का इस्तेमाल अप्रत्यक्ष रूप से पाकिस्तानी सेना को समर्थन देने में हो रहा है।

उन्होंने बलूचिस्तान में मानवाधिकार उल्लंघन, हिंसा और सैन्य कार्रवाई का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के अभियानों और बमबारी के कारण बलूच नागरिकों की जान जा रही है।

प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी सरकार से पाकिस्तान के साथ अपने संबंधों और उसे दी जाने वाली सहायता की समीक्षा करने की मांग की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को दी जाने वाली किसी भी सहायता को मानवाधिकारों के सम्मान की शर्त से जोड़ा जाना चाहिए।

वक्ताओं ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय, खासकर अमेरिका को बलूचिस्तान में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों को रोकने और बलूच लोगों के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।

इससे पहले गुरुवार को जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) के 63वें सत्र के दौरान बीएनएम के कई सदस्यों ने बलूचिस्तान में मानवाधिकारों की स्थिति को लेकर गंभीर चिंता जताई थी।

उन्होंने सुराब, जेहरी और चिल्टन में पाकिस्तानी सेना के हवाई हमलों के साथ बलूच महिलाओं और लड़कियों की परेशानियों का मुद्दा उठाया।

बीएनएम की सदस्य महराह बलोच ने परिषद का ध्यान बलूच महिलाओं और लड़कियों की स्थिति की ओर दिलाया। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी अधिकारियों की ओर से उनके मौलिक अधिकारों का गंभीर उल्लंघन जारी है। इनमें जबरन गायब किए जाने, मनमानी हिरासत, यातना, न्यायेतर हत्याओं और शांतिपूर्ण राजनीतिक अभिव्यक्ति पर रोक लगाने जैसे आरोप शामिल हैं।

महराह ने कहा कि बलूच महिलाओं ने न्याय और जवाबदेही की मांग को लेकर चल रहे आंदोलनों में प्रमुख भूमिका निभाई है, हालांकि परिवार के सदस्यों के जबरन गायब होने और उनकी हत्या की घटनाओं का भावनात्मक, सामाजिक और आर्थिक असर कई महिलाओं पर अब भी पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि बलूच महिलाओं की आवाज, उनके अधिकारों और सार्वजनिक जीवन में उनकी भागीदारी की रक्षा और सम्मान किया जाना चाहिए।

महराह ने पाकिस्तानी अधिकारियों के रवैये को ‘राज्य आतंकवाद’ करार देते हुए संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद से बलूचिस्तान की स्वतंत्र निगरानी सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने मानवाधिकार उल्लंघनों की पारदर्शी जांच कराने और इन मामलों को शांतिपूर्ण तरीके से दर्ज करने तथा उनके खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी अपील की।

यूएनएचआरसी के सत्र में बीएनएम सदस्य अहमद बलोच ने बलूचिस्तान में नागरिकों के खिलाफ पाकिस्तान की ओर से हवाई हमलों के इस्तेमाल पर चिंता जताई।

उन्होंने दावा किया कि 12 सितंबर 2026 को सुराब में पाकिस्तानी सेना के एक हवाई हमले में छह नागरिकों की मौत हुई थी। मृतकों में एक महिला और दो साल का बच्चा भी शामिल था।

अहमद बलोच के अनुसार, इस हमले में नौ अन्य लोग घायल हुए थे, जिनमें अधिकतर छोटे बच्चे थे।

--आईएएनएस

एएमटी/वीसी