बलूच लड़ाकों ने पाकिस्तानी बलों और ऊर्जा ठिकानों पर हमले की ली जिम्मेदारी
क्वेटा, 16 जून (आईएएनएस)। दो बलूच सशस्त्र समूहों ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और पुलिस दल पर कई हमले करने की जिम्मेदारी ली है। दावा किया कि इन्होंने सुरक्षा बलों, पुलिस चौकियों और ऊर्जा ढांचों को निशाना बनाया । स्थानीय मीडिया ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी।
बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (बीएलएफ) के प्रवक्ता मेजर गुहराम बलूच ने बयान जारी कर नुश्की, पंजगुर और ग्वादर जिलों में हुए कई हमलों की जिम्मेदारी ली। इनमें फ्रंटियर कॉर्प्स (एफसी) के जवानों पर आईईडी हमला, पुलिस चौकियों पर कब्जा और हथियारों की जब्ती शामिल है।
बीएलएफ के अनुसार, 12 जून को नुश्की के माल क्षेत्र में एक आईईडी हमले में एफसी के दो जवान मारे गए और कई अन्य घायल हुए, जब उनके वाहन को निशाना बनाया गया।
संगठन ने यह भी दावा किया कि 10 जून को पंजगुर जिले में हुए एक हमले में दो लोगों की मौत हो गई और एक व्यक्ति घायल हुआ। समूह का कहना है कि मारे गए लोग पाकिस्तान सुरक्षा बलों से जुड़े हुए थे और उस समय एफसी कैंप की ओर जा रहे थे। बीएलएफ ने आरोप लगाया कि ये लोग बलूच राष्ट्रवादी आंदोलन के खिलाफ गतिविधियों में शामिल थे। सैन्य अभियानों और जबरन लोगों को गायब करने वाली गतिविधियों में शामिल थे।
बीएलएफ ने आगे कहा कि 9 जून को नुश्की के कुचकी क्षेत्र में उसके लड़ाकों ने एक चेकपोस्ट लगाया, वाहनों की तलाशी ली, एक पुलिस पोस्ट पर कब्जा किया और सरकारी रिकॉर्ड जला दिए। समूह के अनुसार, यह नाकेबंदी लगभग दो घंटे तक चली।
इसके अलावा, 7 जून को ग्वादर जिले के गॉबद कलातो क्षेत्र में धू-बिस्ट पंजाह रोड पर कई जगहों पर चेकपोस्ट लगाए गए। समूह ने दावा किया कि दो पुलिस चौकियों पर कब्जा कर लिया गया और हथियार, पुलिस वाहन और अन्य उपकरण जब्त कर लिए गए, जिनमें एक एम-16 राइफल और तीन कलाश्निकोव शामिल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस पोस्टों पर लगे निगरानी कैमरे (सीसीटीवी) नष्ट कर दिए गए।
इस बीच, बलूच रिपब्लिकन आर्मी (बीआरए) ने दावा किया कि उसने बलूचिस्तान के डेरा बुगती जिले में तोबा साइट पर दो गैस कुओं को नष्ट कर दिया है। समूह के प्रवक्ता सरबाज बलूच ने यह भी कहा कि उसी क्षेत्र में ऑयल एंड गैस डेव्लपमेंट कंपनी लिमिटेड की सर्वे टीम पर भी हमला किया गया।
बीआरए के अनुसार, इस हमले में दो कंपनी कर्मचारी मारे गए, जब उसके लड़ाकों ने सर्वे टीम पर गोलीबारी की। समूह का कहना है कि ये हमले बलूचिस्तान के प्राकृतिक संसाधनों के दोहन को रोकने के लिए किए गए, क्योंकि यह काम बलूच लोगों की सहमति के बिना किया जा रहा है।
समूह ने पाकिस्तान सरकार पर आरोप लगाया कि वह वर्षों से डेरा बुगती में सैन्य अभियान चला रही है ताकि तेल और गैस की खोज और उत्पादन को आगे बढ़ाया जा सके। इसके कारण नागरिकों की मौत, जबरन गुमशुदगी और बड़े पैमाने पर विस्थापन जैसी समस्याएँ पैदा हुई हैं।
--आईएएनएस
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