लेखक सलमान रुश्दी पर हमला करने वाले को आतंकवाद के आरोप में ठहराया गया दोषी
न्यूयॉर्क, 30 जुलाई (आईएएनएस)। बुकर पुरस्कार विजेता लेखक सलमान रुश्दी को कई बार चाकू मारने और उनकी आंख फोड़ने वाले व्यक्ति को आतंकवाद के आरोपों में दोषी ठहराया गया है।
एक फेडरल कोर्ट में जूरी ने बुधवार (स्थानीय समय) को हादी मतर को ईरान के निर्देशों पर काम करने और एक आतंकवादी संगठन की मदद करने का दोषी पाया।
मतर ने रुश्दी पर हमला इसलिए किया, ताकि वह 1989 में मरहूम ईरानी अयातुल्लाह रूहोल्लाह खुमैनी के जारी किए गए फतवे को पूरा कर सके। इस फतवे में रुश्दी की मौत की मांग की गई थी क्योंकि इस्लामी मौलवियों ने उनके उपन्यास 'सैटेनिक वर्सेज' को ईशनिंदा वाला माना था।
जूरी उन अभियोजक से भी सहमत थी जिन्होंने लेबनानी अमेरिकी को एक आतंकवादी संगठन की मदद करने के आरोप में लेबनान में मौजूद ईरान से जुड़े समूह हिज्बुल्लाह से जोड़ा था।
प्रॉसिक्यूटर ने सबूत के तौर पर मतर की एक फोटो पेश की जिसमें उसने हिज्बुल्लाह लिखी शर्ट पहनी हुई थी और एक प्रोपेगैंडा वीडियो भी पेश किया जिसमें मतर ने खुमैनी और एक हिज्बुल्लाह नेता के भाषण दिए थे।
28 साल के मतर को पिछले साल न्यूयॉर्क स्टेट कोर्ट ने रुश्दी की हत्या की कोशिश करने का दोषी ठहराया था और वह 25 साल की जेल की सजा काट रहा है।
अमेरिकी कानूनी प्रणाली में किसी व्यक्ति पर उसी घटना के लिए राज्य या स्थानीय कोर्ट में उनके कानूनों के तहत और फेडरल कोर्ट में फेडरल कानूनों के तहत भी मुकदमा चलाया जा सकता है।
जब नवंबर में बफेलो सिटी की फेडरल कोर्ट में उसे सजा सुनाई जाएगी, तो मतर को बिना पैरोल के उम्रकैद की सजा हो सकती है।
मतर के वकील नैथेनियल बैरोन ने इस बात से इनकार नहीं किया कि उसने रुश्दी पर हमला किया था। हालांकि उनका दावा है कि हादी मतर ने यह काम अकेले किया, न कि ईरान या हिज्बुल्लाह के साथ मिलकर।
वकील ने कहा कि वह रुश्दी की ईशनिंदा को लेकर बहुत गुस्से में था। फतवा जारी होने के बाद बुकर पुरस्कार विजेता रुश्दी कई वर्षों तक ब्रिटिश सरकार की सुरक्षा में रहे। बाद में उन्होंने सार्वजनिक जीवन में वापसी की और न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय से जुड़े रहे।
79 वर्षीय रुश्दी 2022 में न्यूयॉर्क शहर से लगभग 600 किलोमीटर दूर स्थित चौटाक्का इंस्टीट्यूशन में आयोजित एक साहित्यिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे थे। विडंबना यह रही कि वह लेखकों की सुरक्षा पर बोलने वाले थे, तभी उन पर हमला कर दिया गया।
हमले के बाद के अपने अनुभवों पर रुश्दी ने "नाइफः मेडिटेशंस आफ्टर एन अटेम्टेड मर्डर" शीर्षक से पुस्तक भी लिखी है।
सुनवाई के दौरान सहायक संघीय अभियोजक टिमोथी लिंच के अनुरोध पर रुश्दी ने अपना विशेष चश्मा उतारा, ताकि जूरी सदस्य हमले में खोई उनकी आंख को देख सकें। रुश्दी ने बताया कि हमले में उनकी आंख के अलावा उनका बायां हाथ भी गंभीर रूप से घायल हुआ, जिसके कारण वह अब वाहन नहीं चला सकते। उन्होंने कहा कि हमले में उनका लिवर भी क्षतिग्रस्त हुआ था।
--आईएएनएस
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