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असमसैट और एयरोस्पेस क्षेत्र के लिए होगा 100 करोड़ रुपए का निवेश, सीएम हिमंता बिस्वा सरमा का ऐलान

 

गुवाहाटी, 10 जुलाई (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को डिजिटल शासन और तकनीक से जुड़ी कई बड़ी घोषणाएं कीं। इनमें देश के पहले सरकारी स्वामित्व वाले पृथ्वी अवलोकन उपग्रह 'असमसैट' के प्रक्षेपण और एयरोस्पेस उपकरणों के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए 100 करोड़ रुपए के निवेश की घोषणा शामिल है।

विधानसभा में वित्त मंत्री जयंता मल्लबरुआ द्वारा 2026-27 का असम बजट पेश किए जाने के बाद मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने पत्रकारों से बात की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार डिजिटल बुनियादी ढांचे, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और उन्नत विनिर्माण में निवेश के जरिए तकनीक आधारित अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव तैयार कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि असम डिजिटल शासन की दिशा में बड़ा कदम उठा रहा है। इसके तहत एयरोस्पेस विनिर्माण, 'असमसैट' परियोजना और एआई आधारित नागरिक सेवाओं के लिए 100 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा, ताकि राज्य को स्मार्ट और तकनीक-सक्षम बनाया जा सके।

सरमा ने कहा कि बजट में असम में एयरोस्पेस कंपोनेंट्स (पुर्जों) के निर्माण का उद्योग विकसित करने के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य निवेश आकर्षित करना, उच्च कौशल वाले रोजगार पैदा करना और असम को एयरोस्पेस क्षेत्र के उभरते केंद्र के रूप में विकसित करना है।

प्रमुख घोषणाओं में 'असमसैट' भी शामिल है, जो भारत का पहला सरकारी स्वामित्व वाला पृथ्वी अवलोकन उपग्रह होगा। यह उपग्रह कृषि, आपदा प्रबंधन, बाढ़ की निगरानी, शहरी नियोजन, वन संरक्षण और बुनियादी ढांचा विकास के लिए रियल-टाइम डेटा उपलब्ध कराएगा, जिससे शासन और योजना बनाने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए 'सेवा सेतु' का एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) आधारित नया संस्करण भी शुरू करेगी। इसमें एआई तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि लोगों को सरकारी सेवाएं पहले से अधिक तेज, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से मिल सकें।

बजट में ई-कोर्ट का विस्तार करने और डिजिटल न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाने का भी प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य तकनीक की मदद से लोगों की न्यायिक सेवाओं तक पहुंच आसान बनाना और मामलों के निपटारे की प्रक्रिया को तेज करना है।

शर्मा ने कहा कि सरकार ई-एचआरएमआईएस और आईएफएमआईएस को एकीकृत करेगी। इससे सरकारी विभागों में मानव संसाधन, वित्तीय प्रबंधन और सरकारी खर्च की निगरानी पहले से अधिक बेहतर और पारदर्शी तरीके से हो सकेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन डिजिटल पहलों का उद्देश्य शासन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाना है। साथ ही इससे उभरते तकनीकी क्षेत्रों में नए अवसर और रोजगार भी पैदा होंगे।

उन्होंने कहा कि ये प्रस्ताव सरकार की उस व्यापक योजना का हिस्सा हैं, जिसके तहत असम को डिजिटल रूप से सशक्त और नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था बनाया जाएगा। इससे राज्य में उन्नत उद्योगों में निवेश बढ़ेगा और लोगों को बेहतर व अधिक प्रभावी सरकारी सेवाएं मिल सकेंगी।

--आईएएनएस

एसएचके/वीसी