डेयरी क्षेत्र को मजबूत करेगा असम, रोजाना 10 लाख लीटर दूध उत्पादन का लक्ष्य
गुवाहाटी, 30 अक्टूबर (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को जानकारी दी कि राज्य सरकार डेयरी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए काम कर रही है। इसका लक्ष्य प्रतिदिन 10 लाख लीटर दूध का उत्पादन करना है। इसके साथ ही, डेयरी किसानों को सीधी सब्सिडी दी जाएगी और प्रोसेसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर (प्रसंस्करण बुनियादी ढांचे) का विस्तार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, "एक मजबूत डेयरी क्षेत्र से पोषण में सुधार होगा, किसानों की आजीविका सुरक्षित होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था अधिक मजबूत बनेगी।"
उन्होंने इन पहलों को 'आत्मनिर्भर असम' बनाने की राज्य की कोशिशों का हिस्सा बताया। मुख्यमंत्री ने बताया कि असम में प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता राष्ट्रीय औसत से कम है, इसलिए उत्पादन बढ़ाने और डेयरी सप्लाई चेन में सुधार करने की जरूरत है।
मुख्यमंत्री सरमा की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, राज्य ने प्रतिदिन 10 लाख लीटर दूध उत्पादन का लक्ष्य रखा है। सरकार डेयरी गतिविधियों को बढ़ावा देने और किसानों की आय में मदद करने के लिए उन्हें सीधे दूध पर सब्सिडी दे रही है।
राज्य पूरे असम में बड़े डेयरी प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करने की योजना बना रहा है। इन सुविधाओं से दूध प्रोसेसिंग क्षमता मजबूत होगी, हैंडलिंग (रखरखाव और प्रबंधन) में सुधार होगा और संगठित डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा।
पोस्ट में सोनितपुर जिले में 20,000 लीटर प्रतिदिन की क्षमता वाले एक मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट के शुरू होने का भी जिक्र किया गया है। इससे राज्य के प्रोसेसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती मिलेगी और प्रोसेस्ड दूध की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री की यह घोषणा ऐसे समय में आई है, जब असम स्थानीय स्तर पर दूध की मांग और उत्पादन के बीच के अंतर को कम करने की कोशिश कर रहा है। इसके साथ ही डेयरी किसानों के लिए बेहतर बाजार के अवसर भी पैदा कर रहा है। उत्पादन लक्ष्य को हासिल करने के लिए दूध कलेक्शन, प्रोसेसिंग और वितरण नेटवर्क को मजबूत करना बहुत महत्वपूर्ण होगा।
सरकार का सब्सिडी और प्रोसेसिंग सुविधाओं पर ध्यान देने का मकसद डेयरी फार्मिंग में लोगों की भागीदारी बढ़ाना और उपभोक्ताओं को सेवा देने की इस क्षेत्र की क्षमता में सुधार करना है। दूध उत्पादन में लगातार विस्तार से ग्रामीण रोजगार पैदा करने में मदद मिल सकती है और किसान परिवारों के लिए आय का एक अतिरिक्त स्रोत बन सकता है।
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि इन कदमों से 'आत्मनिर्भर असम' की नींव पड़ेगी, जिससे बेहतर पोषण मिलेगा, किसानों की आजीविका मजबूत होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था अधिक सशक्त बनेगी।
--आईएएनएस
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