×

असम में डेयरी क्षेत्र को मिलेगा बढ़ावा, रोजाना 10 लाख लीटर दूध उत्पादन का लक्ष्य: सीएम सरमा

 

गुवाहाटी, 2 जुलाई (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुरुवार को राज्य में डेयरी क्षेत्र को मजबूत करने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य राज्य में प्रतिदिन 10 लाख लीटर दूध का उत्पादन करना है। इसके साथ ही हजारों ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि डेयरी क्षेत्र ग्रामीण आय बढ़ाने और परिवारों के पोषण स्तर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

उन्होंने लिखा, "दूध का हर गिलास एक परिवार का पोषण करता है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाता है।"

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार 25,000 से अधिक डेयरी किसानों को सब्सिडी उपलब्ध करा रही है, ताकि दूध उत्पादन बढ़ाया जा सके, किसानों की आय में सुधार हो और असम के डेयरी पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाया जा सके।

उन्होंने कहा, "हमारा मिशन प्रतिदिन 10 लाख लीटर दूध का उत्पादन करना है।"

राज्य सरकार दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए वित्तीय सहायता, पशुधन प्रबंधन में सुधार, वैज्ञानिक प्रजनन तकनीकों के उपयोग और बेहतर पशु चिकित्सा सेवाओं जैसी कई योजनाएं लागू कर रही है।

अधिकारियों का मानना है कि दूध उत्पादन बढ़ने से दूसरे राज्यों से दूध के आयात पर निर्भरता कम होगी और ग्रामीण परिवारों के लिए आय के नए अवसर पैदा होंगे।

सरकार के अनुसार, असम में डेयरी क्षेत्र छोटे और सीमांत किसानों की आय का महत्वपूर्ण स्रोत बनकर उभरा है। कृषि के साथ पशुपालन से होने वाली अतिरिक्त आमदनी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रही है।

सरकार चारा उपलब्धता बढ़ाने, दूध संग्रहण की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने और संगठित डेयरी फार्मिंग को बढ़ावा देने पर भी काम कर रही है।

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा कि दूध उत्पादन में वृद्धि से न केवल पोषण सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि डेयरी मूल्य श्रृंखला के तहत प्रसंस्करण, परिवहन और विपणन जैसे क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

सरकार की सब्सिडी योजना के तहत किसानों को आधुनिक डेयरी तकनीक अपनाने, बेहतर नस्ल के पशु खरीदने और डेयरी संचालन का आधुनिकीकरण करने में सहायता दी जा रही है।

अधिकारियों ने विश्वास जताया कि सरकार की निरंतर नीतिगत सहायता और किसानों की सक्रिय भागीदारी से असम प्रतिदिन 10 लाख लीटर दूध उत्पादन के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा। राज्य सरकार ने कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों को असम के समग्र विकास की रणनीति का प्रमुख आधार बताते हुए डेयरी, मत्स्य पालन और पशुपालन को ग्रामीण समृद्धि और रोजगार सृजन का अहम माध्यम माना है।

--आईएएनएस

डीएससी