मिजोरम में 11.85 करोड़ रुपये की मेथामफेटामिन गोलियों के साथ चार गिरफ्तार
आइजोल, 21 फरवरी (आईएएनएस)। मिजोरम में असम राइफल्स ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 11.85 करोड़ रुपये मूल्य की प्रतिबंधित मेथामफेटामिन (याबा) गोलियां जब्त कर चार तस्करों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में तीन म्यांमार के नागरिक शामिल हैं।
रक्षा प्रवक्ता के अनुसार, प्रतिबंधित मेथामफेटामिन गोलियों की खेप के आवागमन संबंधी खुफिया सूचना के आधार पर असम राइफल्स ने शुक्रवार रात लॉन्गतलाई जिले के काकिच्छुहा गांव में मोबाइल व्हीकल चेक पोस्ट (एमवीसीपी) स्थापित कर अभियान चलाया।
कार्रवाई के दौरान जवानों ने कोलाडाइन नदी के रास्ते नाव से म्यांमार से भारत आ रहे चार संदिग्धों को रोका। तलाशी में उनके पास से लगभग 80,000 मेथामफेटामिन गोलियां बरामद की गईं, जिनका कुल वजन 3.952 किलोग्राम है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनकी कीमत करीब 11.85 करोड़ रुपये आंकी गई है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान लॉन्गतलाई जिले के निवासी लैरामलैना (40) और तीन म्यांमार नागरिकों चैमौंगथेन (17), थानलैंग (17) और थानलैग्वोन (15) के रूप में हुई है। जब्त मादक पदार्थ और सभी आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए लॉन्गतलाई जिले के बुंगतलांग थाने को सौंप दिया गया है।
असम राइफल्स ने कहा कि भारत-म्यांमार सीमा पर अवैध मादक पदार्थ तस्करी को रोकने और क्षेत्र में शांति व सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वह प्रतिबद्ध है।
मेथामफेटामिन गोलियां, जिन्हें ‘याबा’ या ‘पार्टी ड्रग’ भी कहा जाता है, मेथामफेटामिन और कैफीन का मिश्रण होती हैं। इन्हें ‘क्रेजी ड्रग’ के नाम से भी जाना जाता है और भारत में ये प्रतिबंधित हैं।
मिजोरम की 510 किलोमीटर लंबी बिना बाड़ वाली अंतरराष्ट्रीय सीमा म्यांमार से और 318 किलोमीटर लंबी पर्वतीय व संवेदनशील सीमा बांग्लादेश से लगती है, जिससे यह राज्य अंतरराष्ट्रीय तस्करी के लिए संवेदनशील माना जाता है।
म्यांमार का चिन राज्य मादक पदार्थों, विदेशी सिगरेट, सुपारी और अन्य अवैध सामान की तस्करी का प्रमुख केंद्र माना जाता है, जहां से मिजोरम के छह जिलों- चम्फाई, सियाहा, लॉन्गतलाई, हनहथियाल, सैतुअल और सेरछिप के रास्ते तस्करी की जाती है।
--आईएएनएस
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