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असम में किसानों की आय बढ़ाने पर जोर, एफपीसी की संख्या दोगुनी करने की तैयारी

 

गुवाहाटी, 2 नवंबर (आईएएनएस)। असम के कृषि मंत्री पीयूष हजारिका ने सोमवार को अधिकारियों को राज्य में किसान प्रोड्यूसर कंपनियों (एफपीसी) की संख्या को दोगुना करने की दिशा में काम करने का निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने किसानों की आय बढ़ाने के लिए फसल विविधीकरण और बाजार से बेहतर जुड़ाव (मार्केट लिंकेज) पर विशेष जोर दिया।

हजारिका ने खानापारा में कृषि भवन में एक रिव्यू मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए मखाना मिशन, एडिबल ऑयल पाम मिशन और पल्स मिशन सहित विभिन्न कृषि पहलों की प्रगति का आकलन किया। उन्होंने बराक घाटी में प्रस्तावित राजमाह मिशन का भी रिव्यू किया।

मंत्री ने पारंपरिक धान की खेती से आगे बढ़ने और मखाना, अगरवुड, एडिबल ऑयल पाम, नारियल और ड्रैगन फ्रूट जैसी वैकल्पिक फसलों के अलावा अन्य फलों और बागवानी उत्पादों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को विभागीय योजनाओं को समय पर लागू करने, जवाबदेही को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर जुड़ाव को बेहतर बनाने का निर्देश दिया ताकि सरकारी पहलों से किसानों को ठोस लाभ मिल सके।

हजारिका ने राज्य सरकार के उस विजन पर भी जोर दिया जिसमें अलग-अलग जिलों की खेती की क्षमता का फायदा उठाकर असम को बागवानी पर आधारित एक बड़ा राज्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

मंत्री ने एक दूसरी यूनिट के प्रतिनिधियों के साथ एक अलग मीटिंग में आलू की खेती को बढ़ाने और पूरे असम में किसानों के साथ कंपनी की पार्टनरशिप को मजबूत करने के मौकों पर बात की। यह यूनिट नलबाड़ी में एक प्लांट चलाती है, अभी राज्य में इसके ऑपरेशन से लगभग 1,200 आलू किसान जुड़े हुए हैं और इसे आलू की काफी जरूरत है।

कृषि मंत्री पीयूष हजारिका ने मजबूत मार्केट लिंकेज के जरिए मौजूदा जुड़ाव को और ज्‍यादा किसानों तक बढ़ाने, आलू उगाने वालों के लिए की इनकम सुधारने की जरूरत पर जोर दिया।

चर्चा में किसान-इंडस्ट्री पार्टनरशिप को मजबूत करने और कंपनी की जरूरतों को पूरा करने के लिए आलू का प्रोडक्शन बढ़ाने के तरीके खोजने पर ध्यान दिया गया। मंत्री ने कहा कि एग्रीकल्चर सेक्टर को मजबूत करना, फसलों के अलग-अलग तरह के इस्तेमाल को बढ़ावा देना और इंडस्ट्री-किसान पार्टनरशिप को बढ़ावा देना राज्य सरकार की मुख्य प्राथमिकताएं बनी रहेंगी। रिव्यू मीटिंग में कमिश्नर और एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट के सीनियर अधिकारी शामिल हुए।

--आईएएनएस

एएसएच/वीसी