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असम की पंचायतों को वित्त आयोग से 525 करोड़ रुपये मिले: सीएम हिमंता

 

गुवाहाटी, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देकर और यह सुनिश्चित करके कि विकास जमीनी स्तर तक पहुंचे, गांवों और पंचायतों को मजबूत करने के लिए काम कर रही है।

गांधी जयंती के मौके पर एक पोस्ट में मुख्यमंत्री हिमंता सरमा ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी और ग्रामीण समुदायों को सशक्त बनाने के लिए असम सरकार की पहलों का जिक्र किया।

मुख्यमंत्री सरमा ने कहा, "उनके विजन से प्रेरित होकर देश स्वदेशी और आत्मनिर्भरता के एक नए दौर में आगे बढ़ रहा है, ताकि विकास समाज के आखिरी व्यक्ति तक पहुंचे।"

उन्होंने बताया कि जमीनी स्तर पर कल्याणकारी योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए वित्त आयोग ने 2025 में असम की पंचायतों को 525 करोड़ रुपये से अधिक की राशि आवंटित की थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गांवों और पंचायतों को सशक्त बनाकर और उन्हें ज्यादा मजबूत व आत्मनिर्भर बनाकर महात्मा गांधी के विजन का पालन करती रहेगी।

मुख्यमंत्री हिमंता सरमा ने कहा, "हम उनके दिखाए रास्ते पर चलते रहेंगे और अपने गांवों व पंचायतों को अधिक मजबूत और आत्मनिर्भर बनने के लिए सशक्त बनाएंगे।"

मुख्यमंत्री ने ये बातें तब कही, जब देश गांधी जयंती मना रहा है। यह दिन महात्मा गांधी की जयंती और उनके गांवों के विकास, आत्मनिर्भरता और जमीनी स्तर पर लोगों की भागीदारी पर जोर देने की सोच को याद करने का दिन है।

असम सरकार का पंचायती राज संस्थाओं पर ध्यान उसके ग्रामीण विकास के बड़े प्रयासों का ही एक हिस्सा है।

राज्य का पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग मजदूरी-आधारित रोजगार, ग्रामीण आवास, आजीविका, बुनियादी ढांचे के विकास और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कार्यक्रम चलाता है।

असम आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में बताया गया है कि वित्त आयोग की ग्रांट ने ग्राम पंचायत स्तर पर विकेंद्रीकृत योजना बनाने और बुनियादी ढांचे के विकास में मदद की है।

मुख्यमंत्री हिमंता सरमा के बयान में सरकार के विकास के नजरिए में 'स्वदेशी' और 'आत्मनिर्भरता' को अहम मानने पर भी जोर दिया गया। साथ ही, ग्रामीण संस्थाओं को कल्याणकारी और विकास कार्यक्रमों को लोगों तक पहुंचाने का अहम जरिया बताया गया।

मुख्यमंत्री के संदेश में इस बात पर जोर दिया गया कि गांवों और पंचायतों को मजबूत करने से यह पक्का हो सकेगा कि विकास का फायदा पूरे असम में जमीनी स्तर पर लोगों तक पहुंचे।

--आईएएनएस

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