असम सरकार अवैध अतिक्रमण के खिलाफ जीरो टॉलरेंस पॉलिसी अपना रही है: मुख्यमंत्री सरमा
गुवाहाटी, 13 फरवरी (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार अवैध अतिक्रमण के खिलाफ जीरो टॉलरेंस पॉलिसी अपना रही है। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाने के अभियान का उद्देश्य न केवल सरकारी और वन भूमि को वापस लेना है, बल्कि पिछली सरकारों के दौरान पनपे अपराध के नेटवर्क को खत्म करना भी है।
मुख्यमंत्री ने अपनी एक पोस्ट में कहा कि लंबे समय तक अवैध अतिक्रमणकारियों ने पूरी छूट का लाभ उठाते हुए संरक्षित वन क्षेत्रों को गैरकानूनी गतिविधियों का अड्डा बना दिया था।
उन्होंने कहा कि ऐसे अतिक्रमणों ने असम की पर्यावरण सुरक्षा, कानून व्यवस्था और समग्र विकास के लिए गंभीर खतरा पैदा कर दिया था।
सरमा ने अपने पोस्ट में कहा कि लंबे समय तक अवैध अतिक्रमणकारियों ने पूरी छूट का लाभ उठाते हुए जंगलों को गैरकानूनी गतिविधियों का अड्डा बना दिया था। लेकिन हमारी सरकार अतिक्रमणकारियों के प्रति जीरो टॉलरेंस पॉलिसी अपना रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वर्तमान प्रशासन वर्षों की उपेक्षा और निष्क्रियता को पलटने के लिए दृढ़ संकल्पित है।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि कई जिलों में चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाने के अभियान सुरक्षित असम सुनिश्चित करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं।
उनके अनुसार, अतिक्रमण की गई भूमि को वापस लेना वनों की रक्षा, जैव विविधता के संरक्षण और राज्य में पारिस्थितिक संतुलन को बहाल करने के लिए भी महत्वपूर्ण है।
उन्होंने आगे कहा कि सरकार केवल अतिक्रमण हटाने तक ही सीमित नहीं है।
सरमा ने कहा कि हम न केवल अतिक्रमण हटा रहे हैं, बल्कि अपराध के सभी स्रोतों को भी खत्म कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि अवैध बस्तियां अक्सर संगठित अपराध, तस्करी और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों से जुड़ी होती हैं, जो जन सुरक्षा को खतरे में डालती हैं।
पिछले कुछ महीनों में, असम सरकार ने वन अभ्यारण्यों और सरकारी भूमि पर अतिक्रमण हटाने के अभियान तेज कर दिए हैं और सैकड़ों हेक्टेयर भूमि वापस ले ली है।
--आईएएनएस
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