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असम: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर बोला हमला, घुसपैठिये का उठाया मुद्दा

 

गुवाहाटी, 2 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को असम के नागांव में असम गण परिषद (एजीपी) के नेता और मंत्री केशव महंता के लिए प्रचार करते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि एनडीए के पिछले 10 साल के शासन ने असम को बदल दिया है, जबकि पहले की कांग्रेस सरकारें असफल रही थीं।

अमित शाह ने नागांव में एक बड़ी जनसभा को संबोधित करते हुए असम की विरासत का जिक्र किया, वहां के महान नेताओं और क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि दी और लोगों से 9 अप्रैल के विधानसभा चुनाव में एनडीए को हैट्रिक जीत दिलाने की अपील की।

उन्होंने कहा कि भाजपा-एजीपी गठबंधन बहुत मजबूत है और कांग्रेस द्वारा दरार के दावों को 'मुंगेरीलाल के सपने' जैसा बताया। शाह ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि अपने शासनकाल में उसने असम की अनदेखी की।

उन्होंने सवाल किया, "जब राहुल गांधी की सरकार थी, तब उन्होंने क्या किया? सिर्फ 1.28 लाख करोड़ रुपए?” उन्होंने इसकी तुलना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा राज्य में विकास और बुनियादी ढांचे के लिए दिए गए बड़े आर्थिक सहयोग से की।

शाह ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने असम में अवैध घुसपैठ को बढ़ावा दिया, जबकि एनडीए सरकार असम के मुसलमानों के साथ है, न कि अवैध घुसपैठियों के साथ।

गृह मंत्री ने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने स्थानीय लोगों की पहचान और अधिकारों की रक्षा करते हुए सभी के विकास के लिए काम किया है।

उन्होंने उपलब्धियों का जिक्र करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल और वर्तमान मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में एनडीए सरकार को असम के स्वर्णिम दौर का श्रेय दिया।

उन्होंने कानून-व्यवस्था में सुधार की बात करते हुए कहा कि राज्य अब 'लाल आतंक' से मुक्त हो गया है।

शाह ने काजीरंगा नेशनल पार्क में संरक्षण कार्यों का भी जिक्र किया और कहा कि एक सींग वाले गैंडे की सुरक्षा में एनडीए सरकार की अहम भूमिका रही है।

उन्होंने कांग्रेस पर यह आरोप भी लगाया कि उसने असम के महान व्यक्तियों को सम्मान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि गोपीनाथ बोरदोलोई और भूपेन हजारिका को भारत रत्न कांग्रेस शासन में नहीं मिला, बल्कि भाजपा सरकार में दिया गया।

शाह ने गठबंधन की एकता पर जोर देते हुए कहा, 'जहां हाथी है उसे कमल समझिए, जहां कमल है उसे ही हाथी समझिए,” यानी एजीपी (हाथी) और भाजपा (कमल) को एक ही मानकर वोट दें।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी