असम में अखिल गोगोई का ऐलान, बाढ़ पीड़ितों के लिए 2 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन आंदोलन
गुवाहाटी, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। रायजोर दल के अध्यक्ष और शिवसागर के विधायक अखिल गोगोई ने 2 अक्टूबर से पूरे राज्य में अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है। उन्होंने असम सरकार पर बाढ़ से प्रभावित परिवारों को आर्थिक मदद देने की एक अक्टूबर की समय-सीमा (डेडलाइन) को पूरा न कर पाने का आरोप लगाया है।
गोगोई ने कहा कि यह आंदोलन गांधी जयंती पर शुरू होगा और तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार बाढ़ पीड़ितों से किए गए वादों को पूरा नहीं करती और यह सुनिश्चित नहीं करती कि पात्र परिवारों को वादा की गई राहत मिल जाए।
यह समय-सीमा 23 सितंबर को गुवाहाटी के चाचल धरना मैदान में आयोजित एक जनसभा में घोषित की गई थी। प्रदर्शनकारियों ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल आर्थिक मदद के साथ-साथ उन लोगों के लिए लंबे समय के मुआवजे के पैकेज की मांग की थी जिन्हें भारी नुकसान हुआ है।
गोगोई ने दावा किया कि शिवसागर, चराइदेव, जोरहाट और गोलाघाट जिलों में बाढ़ से प्रभावित 30 से 40 प्रतिशत परिवारों को अभी तक 15,000 रुपए की वादा की गई अंतरिम सहायता नहीं मिली है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शिवसागर और चराइदेव में बाढ़ पीड़ितों को बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित इलाकों के लिए घोषित 10,000 रुपए की अतिरिक्त विशेष सहायता नहीं मिली है। रायजोर दल के नेता उन सभी परिवारों के लिए 10 लाख रुपए के मुआवजे की भी मांग कर रहे हैं, जिन्हें इन चार जिलों में बाढ़ के कारण भारी नुकसान हुआ है।
गोगोई ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को लिखे एक पत्र में बाढ़ से प्रभावित परिवारों की लगातार बनी हुई मुश्किलों का जिक्र किया। इनमें वे परिवार भी शामिल हैं जो अभी भी बेघर हैं और जिन्हें पर्याप्त आर्थिक मदद नहीं मिली है।
प्रस्तावित आंदोलन की घोषणा करते हुए गोगोई ने कहा, "सरकार की समय-सीमा खत्म हो चुकी है और बाढ़ पीड़ितों में से लगभग आधे लोग अभी भी खाली हाथ हैं।"
उन्होंने कहा कि यह आंदोलन लोकतांत्रिक तरीके से चलेगा और तब तक जारी रहेगा जब तक बाढ़ पीड़ितों की मांगें पूरी नहीं हो जातीं।
गोगोई ने कहा कि जब तक बाढ़ से प्रभावित सभी पात्र परिवारों को वह आर्थिक मदद नहीं मिल जाती जिसकी उनकी पार्टी मांग कर रही है, तब तक यह आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा। यह घोषणा असम में बाढ़ प्रबंधन, पुनर्वास और प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच हुई है।
गोगोई के मुताबिक, असम सरकार ने राहत सहायता का वितरण पूरा करने के लिए एक अक्टूबर की समय-सीमा तय की थी।
राज्य सरकार ने रायजोर दल के नेता के उन हालिया आरोपों पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, जिनमें बकाया भुगतान या इस दावे का जिक्र है कि प्रभावित परिवारों के एक बड़े हिस्से को अभी भी वादा की गई सहायता नहीं मिली है।
--आईएएनएस
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